मुख्य›बिहार लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा›सामान्य अध्ययन›सामान्य अध्ययन›भारत का राष्ट्रीय आंदोलन तथा इसमें बिहार का योगदान›बिहार में तीनकठिया पद्धति में नील की खेती के लिए भूमि का कितना भाग

बिहार में तीनकठिया पद्धति में नील की खेती के लिए भूमि का कितना भाग अमानत रखा जाता था?

20201Mbpsc-preprelimsmcq66th-cce-2020year-2020
A.01/10
B.01/03
C.03/20सही
D.03/25
.उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या एवं हल
बिहार के चंपारण में लागू तीनकठिया पद्धति के तहत, किसान अपनी कुल भूमि के 3/20 भाग (अर्थात एक बीघा के 20 कट्ठे में से 3 कट्ठे) पर नील की खेती करने के लिए यूरोपीय बागान मालिकों द्वारा कानूनी रूप से बाध्य थे। इस अत्यधिक शोषक व्यवस्था के कारण ही वर्ष 1917 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में चंपारण सत्याग्रह हुआ था।

In English (Question & Model Answer)

In Tinkathia System in Bihar, how much land was to be reserved for indigo cultivation?

A.01/10
B.01/03
C.03/20Correct
D.03/25
.None of the above/More than one of the above
Under the Tinkathia system in Champaran, Bihar, peasant farmers were legally bound by European planters to cultivate indigo on 3/20 of their total land holding (i.e., 3 kathas out of 20 kathas of a bigha). This highly exploitative system led to the Champaran Satyagraha in 1917, led by Mahatma Gandhi.
इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
निशुल्क एंड्रॉइड ऐप

स्टेट PYQ ऐप पर बेहतर अभ्यास करें

⚡ एरर डायरी · ⏱ मेन्स आंसर पेसर टाइमर · 📴 ऑफलाइन रिवीजन वॉल्ट

डाउनलोड करेंGoogle Play