मुख्य›एमपीपीएससी वन सेवा›राज्य वन सेवा मुख्य परीक्षा›खंड-'ब': वानिकी एवं सामान्य विज्ञान›इकाई-(8): जीव विज्ञान›अनुवांशिकी एवं विकास: अनुवांशिकी एवं भिन्नताएं, अनुवांशिकी का मूल आधार, गुणसूत्र एवं DNA, जीन, लिंग निर्धारण, जैविक विकास का प्रारंभिक ज्ञान (केवल ओपेरिन का सिद्धान्त)›विकास का एक मुख्य वाद जिसमें “उपयोग व अनुपयोग नियम” की प्रस्तावना है,

विकास का एक मुख्य वाद जिसमें “उपयोग व अनुपयोग नियम” की प्रस्तावना है, को कहते हैं

20192M#mppsc-forest#pyq#mcq#2019
A.डार्विनवाद
B.मैन्डलवाद
C.पर्यावरणीय संघर्ष
D.लैमार्कवादसही
व्याख्या एवं हल

सही उत्तर: (D) लैमार्कवाद

अर्जित लक्षणों की वंशागति का सिद्धांत, जिसे लोकप्रिय रूप से 'उपयोग व अनुपयोग नियम' कहा जाता है, फ्रांसीसी प्रकृतिवादी जीन-बैप्टिस्ट लैमार्क द्वारा उनकी प्रसिद्ध पुस्तक फिलॉसॉफी ज़ूलॉजिकल में प्रस्तावित किया गया था।

In English (Question & Model Answer)

The theory of evolution which proposes "Law of use and disuse" is known as

A.Darwinism
B.Mendelism
C.Environmental struggle
D.LamarckismCorrect

Correct Answer: (D) Lamarckism

The theory of inheritance of acquired characters, popularly known as the 'Law of use and disuse', was proposed by the French naturalist Jean-Baptiste Lamarck in his famous book Philosophie Zoologique.

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