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क्यूप्रस ऑक्साइड से कॉपर के निष्कर्षण के दौरान ठोस कॉपर की सतह पर फफोले किस कारण से दिखाई देते हैं ?

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A.हाइड्रोजन गैस का निष्कासन
B.कार्बन डाइऑक्साइड गैस का निष्कासन
C.कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का निष्कासन
D.सल्फर डाइऑक्साइड गैस का निष्कासनसही
व्याख्या एवं हल

सही उत्तर: (D) सल्फर डाइऑक्साइड गैस का निष्कासन

कॉपर प्रगणन और बेसेमरीकरण (फफोलेदार तांबे का उत्पादन) की प्रक्रिया के दौरान, द्रवित तांबे में घुली हुई सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) गैस इसके ठोस होने पर बाहर निकलती है। SO₂ गैस का यह निष्कासन बुलबुले बनाता है जो सतह को फाड़ देते हैं, जिससे एक विशिष्ट फफोलेदार रूप उत्पन्न होता है।

In English (Question & Model Answer)

During the extraction of copper from cuprous oxide, blisters appeared on the surface of solidified copper is due to

A.Elimination of hydrogen gas
B.Elimination of carbon dioxide gas
C.Elimination of carbon monoxide gas
D.Elimination of sulphur dioxide gasCorrect

Correct Answer: (D) Elimination of sulphur dioxide gas

During the process of copper smelting and Bessemerization known as 'blister copper' production, sulfur dioxide (SO₂) gas dissolved in the molten copper escapes as it solidifies. The evolution of SO₂ gas forms bubbles that rupture the surface, creating a characteristic blistered appearance.

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