मुख्य›एमपीपीएससी वन सेवा›राज्य वन सेवा मुख्य परीक्षा›खंड-'ब': वानिकी एवं सामान्य विज्ञान›इकाई-(2): वन उपयोजन›काष्ठीय उत्पाद: काष्ठ सीज़निंग, काष्ठ परिरक्षी, प्लाईवुड, पार्टिकलबुड, लुगदी एवं कागज›रस विस्थापन विधि का प्रयोग मुख्यतः बिना सुखाई हरी काष्ठ के खम्भों को

रस विस्थापन विधि का प्रयोग मुख्यतः बिना सुखाई हरी काष्ठ के खम्भों को उपचार करने के लिए किया जाता है

20203M#mppsc-forest#pyq#mcq#2020
A.बुचेरी प्रक्रियासही
B.बीथल प्रक्रिया
C.रुपिंग प्रक्रिया
D.लाउरी प्रक्रिया
व्याख्या एवं हल

सही उत्तर: (A) बुचेरी प्रक्रिया

बुचेरी प्रक्रिया (Boucherie process) एक पारंपरिक रस विस्थापन विधि है जिसका उपयोग मुख्य रूप से तांबे के सल्फेट जैसे जल-घुलनशील परिरक्षकों का उपयोग करके बिना सुखाई हरी गोल काष्ठ और खंभों का उपचार करने के लिए किया जाता है। इस विधि में, हाइड्रोस्टेटिक दबाव या गुरुत्वाकर्षण द्वारा परिरक्षक को खंभे के एक सिरे में प्रवेश कराया जाता है, जिससे प्राकृतिक रस बाहर निकल जाता है।

In English (Question & Model Answer)

Sap displacement methods used mainly to treat unseasoned green pole is

A.Boucherie processCorrect
B.Bethell process
C.Rueping process
D.Lowery process

Correct Answer: (A) Boucherie process

The Boucherie process is a classic sap displacement method used primarily to treat unseasoned green round poles and timber using water-soluble preservatives like copper sulfate. In this method, hydrostatic pressure or gravity forces the preservative into one end of the pole, displacing the natural sap.

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