मुख्य›एमपीपीएससी वन सेवा›राज्य वन सेवा मुख्य परीक्षा›खंड-'ब': वानिकी एवं सामान्य विज्ञान›इकाई-(7): भौतिकी›प्रकाश: प्रकाश की प्रकृति, प्रकाश का परावर्तन, परावर्तन के नियम, समतल एवं वक्र सतह से परावर्तन, समतल, उत्तल एवं अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब रचना, फोकस दूरी तथा वक्रता त्रिज्या में संबंध, एक पिन विधि द्वारा अवतल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात करना, U-V-f में संबंध (आंकिक प्रश्न)›एक उत्तल दर्पण की वक्रता त्रिज्या 22 cm है। एक वस्तु दर्पण से 14 cm

एक उत्तल दर्पण की वक्रता त्रिज्या 22 cm है। एक वस्तु दर्पण से 14 cm दूरी पर रखी गई है। छवि का पार्श्व आवर्धन होगा

20213M#mppsc-forest#pyq#mcq#2021
A.+0·44सही
B.-0·44
C.+0·84
D.-0·24
व्याख्या एवं हल

सही उत्तर: (A) +0·44

उत्तल दर्पण की वक्रता त्रिज्या 22 cm होने पर फोकस दूरी f = +11 cm होगी। वस्तु की दूरी u = -14 cm रखने पर दर्पण सूत्र से आवर्धन निकालने पर पार्श्व आवर्धन का मान +0.44 प्राप्त होता है।

In English (Question & Model Answer)

A convex mirror has a radius of curvature of 22 cm. An object is placed 14 cm away from the mirror. The lateral magnification of the image will be

A.+0.44Correct
B.-0.44
C.+0.84
D.-0.24

Correct Answer: (A) +0.44

For a convex mirror, the radius of curvature R = 22 cm gives a focal length f = R / 2 = 11 cm. Using the mirror formula 1/f = 1/v + 1/u with u = -14 cm, we find v = +6.16 cm, leading to lateral magnification m = -v/u = +0.44.

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