मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: राजनीति विज्ञान›इकाई-1 संविधान एवं मौलिक अधिकार›वैचारिक तत्व - उद्देशिका, मूल अधिकार, मूल कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निदेशक तत्व›भारतीय संविधान के 42nd (बयालीसवें) संशोधन के बाद की प्रस्तावना लिखिए।

भारतीय संविधान के 42nd (बयालीसवें) संशोधन के बाद की प्रस्तावना लिखिए।

20156M
आदर्श उत्तर

42वें संविधान संशोधन (1976) के बाद भारतीय संविधान की प्रामाणिक प्रस्तावना:

"हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को:

  • सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय;
  • विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता;
  • प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में
  • व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए;

दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर, 1949 ई. को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।"

In English (Question & Model Answer)

Write down the Preamble of Indian Constitution after 42nd Constitutional Amendment.

Text of the Preamble of the Constitution (Post-42nd Amendment, 1976):

"WE, THE PEOPLE OF INDIA, having solemnly resolved to constitute India into a SOVEREIGN SOCIALIST SECULAR DEMOCRATIC REPUBLIC and to secure to all its citizens:

  • JUSTICE, social, economic and political;
  • LIBERTY of thought, expression, belief, faith and worship;
  • EQUALITY of status and of opportunity; and to promote among them all
  • FRATERNITY assuring the dignity of the individual and the unity and integrity of the Nation;

IN OUR CONSTITUENT ASSEMBLY this twenty-sixth day of November, 1949, do HEREBY ADOPT, ENACT AND GIVE TO OURSELVES THIS CONSTITUTION."

इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
निशुल्क एंड्रॉइड ऐप

स्टेट PYQ ऐप पर बेहतर अभ्यास करें

⚡ एरर डायरी · ⏱ मेन्स आंसर पेसर टाइमर · 📴 ऑफलाइन रिवीजन वॉल्ट

डाउनलोड करेंGoogle Play