मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-4 लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य›लोक प्रशासन में नैतिक सद्‌गुण एवं मूल्य - प्रशासन में नैतिक तत्व-सत्यनिष्ठा, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता, नैतिक तर्क एवं नैतिक दुविधा तथा नैतिक मार्गदर्शन के रूप में अंतरात्मा, लोक सेवकों हेतु आचरण संहिता, शासन में उच्च मूल्यों का पालन›लोक सेवा में नैतिक मूल्यों की आवश्यकता

लोक सेवा में नैतिक मूल्यों की आवश्यकता

20156M
आदर्श उत्तर

लोक सेवा में नैतिक मूल्यों की अपरिहार्य आवश्यकता:

  1. विवेकाधिकार के दुरुपयोग पर रोक: कानून हर स्थिति का नियम नहीं बना सकता; संकट में नैतिक मूल्य ही अधिकारी को मनमानी व तानाशाही से रोकते हैं।
  2. भ्रष्टाचार का उन्मूलन: सत्यनिष्ठा और ईमानदारी लोक सेवक को रिश्वतखोरी और अवैध सौदों से दूर रखती है।
  3. संवैधानिक लक्ष्यों की प्राप्ति: सामाजिक न्याय, समता और बंधुता को वास्तविक धरातल पर उतारना।
  4. जन-विश्वास की बहाली: पारदर्शी और नैतिक प्रशासन से नागरिकों का राज्य संस्थाओं पर अटूट विश्वास बनता है।

In English (Question & Model Answer)

Need of moral values in Civil Services

Imperative Need for Ethical Values in Civil Services:

  1. Regulating Executive Discretion: Black-letter statutes cannot anticipate every contingency; ethical compasses guide equitable exercise of power.
  2. Deterring Corruption: Internalized integrity resists bribe-seeking and fraudulent allocation of public wealth.
  3. Realizing Constitutional Mandates: Translating Preamble guarantees of socio-economic justice into tangible grassroots reality.
  4. Sustaining Public Trust: Ethical stewardship fosters citizen legitimacy and compliance with state institutions.
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