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महात्मा गांधी के अनुसार अहिंसा पर 150 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

20156M
आदर्श उत्तर

महात्मा गांधी के अनुसार अहिंसा (Ahimsa):

  1. व्यापक एवं सकारात्मक अर्थ: गांधीजी के लिए अहिंसा केवल किसी को शारीरिक चोट न पहुँचाना (नकारात्मक) नहीं है, बल्कि समस्त जीवों के प्रति सच्चा प्रेम, करुणा, क्षमा और परोपकार (सकारात्मक रूप) है।
  2. साहसियों का अस्त्र (Weapon of the Brave): अहिंसा कायरता या कमजोरी नहीं है; यह अन्याय और दमन के विरुद्ध आत्मबल (Soul-Force) का सर्वोच्च प्रयोग है। गांधीजी के शब्दों में: "कायरता और हिंसा में से मुझे चुनना हो, तो मैं हिंसा को चुनूँगा, किन्तु अहिंसा हिंसा से अनंत गुना श्रेष्ठ है।"
  3. साध्य-साधन की एकता: अशुद्ध व हिंसक साधनों से कभी न्यायपूर्ण समाज नहीं बनाया जा सकता।

In English (Question & Model Answer)

Write a short note on Non-violence according to Mahatma Gandhi in 150 words.

Mahatma Gandhi's Philosophy of Non-Violence (Ahimsa):

  1. Positive, Active Compassion: Not merely the negative abstention from physical injury, but an active, unconditioned cosmic love, forgiveness, and goodwill toward all sentient beings.
  2. Weapon of Moral Strength: Ahimsa is not passive cowardice; it is the supreme expression of spiritual soul-force—"Non-violence is the summit of bravery."
  3. Indivisible Purity of Means: You cannot attain a just, peaceful society through destructive, violent methods.
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