भक्तिकालीन साहित्य में हिन्दी की किन बोलियों का अधिकाधिक प्रयोग किया गया है ?
आदर्श उत्तर
भक्तिकालीन साहित्य में सर्वाधिक प्रयुक्त दो प्रमुख बोलियाँ:
- 1. ब्रजभाषा: सूरदास, नन्ददास, रसखान, मीराबाई आदि कृष्ण-भक्त कवियों द्वारा प्रयुक्त (उदा. सूरसागर)।
- 2. अवधी: गोस्वामी तुलसीदास, मलिक मोहम्मद जायसी आदि राम-भक्त एवं सूफी कवियों द्वारा प्रयुक्त (उदा. रामचरितमानस, पद्मावत)।
- (अन्य: सधुक्कड़ी / पंचमेल खिचड़ी - कबीरदास द्वारा)।
In English (Question & Model Answer)
भक्तिकालीन साहित्य में हिन्दी की किन बोलियों का अधिकाधिक प्रयोग किया गया है ?
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
भक्तिकालीन साहित्य में सर्वाधिक प्रयुक्त दो प्रमुख बोलियाँ:
- 1. ब्रजभाषा: सूरदास, नन्ददास, रसखान, मीराबाई आदि कृष्ण-भक्त कवियों द्वारा प्रयुक्त (उदा. सूरसागर)।
- 2. अवधी: गोस्वामी तुलसीदास, मलिक मोहम्मद जायसी आदि राम-भक्त एवं सूफी कवियों द्वारा प्रयुक्त (उदा. रामचरितमानस, पद्मावत)।
- (अन्य: सधुक्कड़ी / पंचमेल खिचड़ी - कबीरदास द्वारा)।