हिन्दी के विकास में दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा मद्रास (चेन्नई) के उद्देश्यों को लिखिए।
आदर्श उत्तर
दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, मद्रास (चेन्नई):
- स्थापना: महात्मा गांधी द्वारा वर्ष 1918 में राष्ट्र-निर्माण एवं भाषा-एकता के उद्देश्य से।
- राष्ट्रीय महत्व: 1964 में संसद के अधिनियम द्वारा इसे 'राष्ट्रीय महत्व की संस्था' (Institute of National Importance) घोषित किया गया।
- योगदान: इसने अहिन्दी भाषी दक्षिण भारतीय राज्यों (तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश) में लाखों लोगों को हिन्दी सिखाकर उत्तर व दक्षिण के मध्य राष्ट्रीय एकता का सशक्त सेतु निर्मित किया।
In English (Question & Model Answer)
हिन्दी के विकास में दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा मद्रास (चेन्नई) के उद्देश्यों को लिखिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, मद्रास (चेन्नई):
- स्थापना: महात्मा गांधी द्वारा वर्ष 1918 में राष्ट्र-निर्माण एवं भाषा-एकता के उद्देश्य से।
- राष्ट्रीय महत्व: 1964 में संसद के अधिनियम द्वारा इसे 'राष्ट्रीय महत्व की संस्था' (Institute of National Importance) घोषित किया गया।
- योगदान: इसने अहिन्दी भाषी दक्षिण भारतीय राज्यों (तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश) में लाखों लोगों को हिन्दी सिखाकर उत्तर व दक्षिण के मध्य राष्ट्रीय एकता का सशक्त सेतु निर्मित किया।