मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›प्रारंभिक व्याकरण एवं शब्दावलियाँ›तत्सम और तद्भव शब्दों का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

तत्सम और तद्भव शब्दों का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

20153M
आदर्श उत्तर

तत्सम एवं तद्भव शब्दों का अर्थ तथा उदाहरण:

  • 1. तत्सम शब्द (तत् + सम् = उसके समान): संस्कृत भाषा के वे मूल शब्द जो बिना किसी ध्वनि-परिवर्तन के अपने मूल रूप में ज्यों-के-त्यों हिन्दी में प्रयुक्त होते हैं।
    उदाहरण: अग्नि, दुग्ध, कर्ण, सूर्य, रात्रि।
  • 2. तद्भव शब्द (तत् + भव = उससे उत्पन्न): संस्कृत के वे शब्द जो प्राकृत, अपभ्रंश से होते हुए समय के साथ रूप-विकार (ध्वनि परिवर्तन) के साथ हिन्दी में प्रयुक्त होते हैं।
    उदाहरण: आग, दूध, कान, सूरज, रात।

In English (Question & Model Answer)

तत्सम और तद्भव शब्दों का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

तत्सम एवं तद्भव शब्दों का अर्थ तथा उदाहरण:

  • 1. तत्सम शब्द (तत् + सम् = उसके समान): संस्कृत भाषा के वे मूल शब्द जो बिना किसी ध्वनि-परिवर्तन के अपने मूल रूप में ज्यों-के-त्यों हिन्दी में प्रयुक्त होते हैं।
    उदाहरण: अग्नि, दुग्ध, कर्ण, सूर्य, रात्रि।
  • 2. तद्भव शब्द (तत् + भव = उससे उत्पन्न): संस्कृत के वे शब्द जो प्राकृत, अपभ्रंश से होते हुए समय के साथ रूप-विकार (ध्वनि परिवर्तन) के साथ हिन्दी में प्रयुक्त होते हैं।
    उदाहरण: आग, दूध, कान, सूरज, रात।
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