वर्ष 2015 में वैश्विक स्तर पर सम्पन्न हुए किसी एक शिखर सम्मेलन का प्रतिवेदन प्रस्तुत कीजिए।
शिखर सम्मेलन प्रतिवेदन का मानक प्रारूप (Summit Report Draft):
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार
विशेष प्रतिवेदन (REPORT)
विषय: पेरिस (फ्रांस) में सम्पन्न 21वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन (COP21, 2015) एवं 'पेरिस समझौते' से संबंधित प्रतिवेदन।
1. पृष्ठभूमि:
वैश्विक तापमान वृद्धि (ग्लोबल वॉर्मिंग) को रोकने एवं जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से निपटने हेतु 30 नवम्बर से 12 दिसम्बर 2015 तक पेरिस (फ्रांस) में 195 देशों के राष्ट्राध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों का ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ।
2. सम्मेलन के मुख्य निर्णय एवं उपलब्धियाँ:
- तापमान नियंत्रण का ऐतिहासिक लक्ष्य: सम्मेलन में सर्वसम्मति से 'पेरिस जलवायु समझौता' अंगीकार किया गया, जिसके तहत पूर्व-औद्योगिक स्तर की तुलना में वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से काफी नीचे और संभव हो तो 1.5°C तक सीमित रखने का संकल्प लिया गया।
- राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (INDC): प्रत्येक राष्ट्र ने अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा कार्बन सिंक विकसित करने के स्वैच्छिक लक्ष्य प्रस्तुत किए।
- जलवायु वित्त (Climate Finance): विकसित देशों द्वारा विकासशील राष्ट्रों को जलवायु अनुकूलन एवं हरित प्रौद्योगिकी अपनाने हेतु प्रतिवर्ष 100 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
- अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का शुभारंभ: भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं फ्रांस के राष्ट्रपति द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु 121 राष्ट्रों के 'अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन' की ऐतिहासिक शुरुआत की गई।
3. निष्कर्ष:
पेरिस समझौता पृथ्वी के पर्यावरण संरक्षण एवं भावी पीढ़ियों के संधारणीय भविष्य की दिशा में एक युगांतरकारी वैश्विक उपलब्धि सिद्ध हुआ।
(हस्ताक्षर)
(सुशील कुमार)
अपर सचिव एवं वार्ताकार दल प्रमुख
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार
दिनांक: 18 दिसम्बर, 2015
In English (Question & Model Answer)
वर्ष 2015 में वैश्विक स्तर पर सम्पन्न हुए किसी एक शिखर सम्मेलन का प्रतिवेदन प्रस्तुत कीजिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
शिखर सम्मेलन प्रतिवेदन का मानक प्रारूप (Summit Report Draft):
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार
विशेष प्रतिवेदन (REPORT)
विषय: पेरिस (फ्रांस) में सम्पन्न 21वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन (COP21, 2015) एवं 'पेरिस समझौते' से संबंधित प्रतिवेदन।
1. पृष्ठभूमि:
वैश्विक तापमान वृद्धि (ग्लोबल वॉर्मिंग) को रोकने एवं जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से निपटने हेतु 30 नवम्बर से 12 दिसम्बर 2015 तक पेरिस (फ्रांस) में 195 देशों के राष्ट्राध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों का ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ।
2. सम्मेलन के मुख्य निर्णय एवं उपलब्धियाँ:
- तापमान नियंत्रण का ऐतिहासिक लक्ष्य: सम्मेलन में सर्वसम्मति से 'पेरिस जलवायु समझौता' अंगीकार किया गया, जिसके तहत पूर्व-औद्योगिक स्तर की तुलना में वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से काफी नीचे और संभव हो तो 1.5°C तक सीमित रखने का संकल्प लिया गया।
- राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (INDC): प्रत्येक राष्ट्र ने अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा कार्बन सिंक विकसित करने के स्वैच्छिक लक्ष्य प्रस्तुत किए।
- जलवायु वित्त (Climate Finance): विकसित देशों द्वारा विकासशील राष्ट्रों को जलवायु अनुकूलन एवं हरित प्रौद्योगिकी अपनाने हेतु प्रतिवर्ष 100 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
- अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का शुभारंभ: भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं फ्रांस के राष्ट्रपति द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु 121 राष्ट्रों के 'अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन' की ऐतिहासिक शुरुआत की गई।
3. निष्कर्ष:
पेरिस समझौता पृथ्वी के पर्यावरण संरक्षण एवं भावी पीढ़ियों के संधारणीय भविष्य की दिशा में एक युगांतरकारी वैश्विक उपलब्धि सिद्ध हुआ।
(हस्ताक्षर)
(सुशील कुमार)
अपर सचिव एवं वार्ताकार दल प्रमुख
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार
दिनांक: 18 दिसम्बर, 2015