निम्नलिखित मुहावरों/कहावतों में से किन्हीं पाँच का अर्थ स्पष्ट करते हुए उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए : (A) आठ-आठ आँसू रोना (B) घड़ों पानी पड़ जाना (C) चाँद पर थूकना (D) जमीन पर पैर न पड़ना (E) पौ बारह होना (F) आये थे हरिभजन को ओटन लगे कपास (G) कहीं का ईंट, कहीं का रोड़ा, भानुमती ने कुनबा जोड़ा। (H) छप्पर पर फूस नहीं, ड्योढ़ी पर नाच। (I) तसलवा तोर कि मोर (J) मेढकी को जुकाम होना
आदर्श उत्तर
मुहावरों एवं लोकोक्तियों के अर्थ तथा वाक्य प्रयोग:
- (A) आठ-आठ आँसू रोना:
अर्थ: बुरी तरह पछताना / फूट-फूटकर विलाप करना।
वाक्य प्रयोग: समय रहते पढ़ाई न करने के कारण परीक्षा में फेल होकर छात्र आठ-आठ आँसू रोने लगा। - (B) घड़ों पानी पड़ जाना:
अर्थ: अत्यधिक लज्जित या शर्मिंदा होना।
वाक्य प्रयोग: जब उसकी चोरी रंगे हाथों पकड़ी गई, तो उसके चेहरे पर घड़ों पानी पड़ गया। - (C) चाँद पर थूकना:
अर्थ: किसी निष्कलंक, महान अथवा आदरणीय व्यक्ति पर लांछन लगाकर स्वयं कलंकित होना।
वाक्य प्रयोग: महात्मा गांधी के चरित्र पर लांछन लगाना चाँद पर थूकने के समान है। - (D) जमीन पर पैर न पड़ना:
अर्थ: अत्यधिक खुशी या घमंड से भर जाना।
वाक्य प्रयोग: उप-जिलाधिकारी (SDM) पद पर चयन होते ही उसके पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे हैं। - (E) पौ बारह होना:
अर्थ: अत्यधिक लाभ होना / चारों ओर से सफलता मिलना।
वाक्य प्रयोग: इस वर्ष बंपर फसल और ऊँचे दामों के कारण किसानों के पौ बारह हो गए। - (F) आये थे हरिभजन को, ओटन लगे कपास:
अर्थ: किसी बड़े और मुख्य उद्देश्य को छोड़कर छोटे या व्यर्थ काम में लग जाना।
वाक्य प्रयोग: वह शहर सिविल सेवा की तैयारी करने आया था और यहाँ व्यापार में समय गँवाने लगा—आये थे हरिभजन को, ओटन लगे कपास। - (G) कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा, भानुमती ने कुनबा जोड़ा:
अर्थ: असंगत और बेमेल वस्तुओं या लोगों को जोड़कर अनमेल संगठन बनाना।
वाक्य प्रयोग: विरोधी विचारधारा वाले दलों का अवसरवादी गठबंधन सचमुच 'भानुमती का कुनबा' है। - (H) छप्पर पर फूस नहीं, ड्योढ़ी पर नाच:
अर्थ: घर में घोर निर्धनता होना, किन्तु बाहर झूठी शान और दिखावा करना।
वाक्य प्रयोग: खाने को घर में दाने नहीं हैं और कर्ज लेकर कार खरीद ली—छप्पर पर फूस नहीं, ड्योढ़ी पर नाच। - (I) तसलवा तोर कि मोर:
अर्थ: स्पष्ट स्वामित्व या अधिकार का निर्णय न होना / संशय की स्थिति।
वाक्य प्रयोग: संपत्ति के मौखिक बँटवारे में दोनों भाई यही पूछते रह गए—तसलवा तोर कि मोर। - (J) मेढकी को जुकाम होना:
अर्थ: अपनी औकात या सामर्थ्य से बाहर की बात करना / अनहोनी स्थिति का ढोंग रचना।
वाक्य प्रयोग: जो दिन भर पानी में काम करता था, वह हल्की फुहार से बीमार होने का ढोंग कर रहा है—इसे कहते हैं मेढकी को जुकाम होना।
In English (Question & Model Answer)
निम्नलिखित मुहावरों/कहावतों में से किन्हीं पाँच का अर्थ स्पष्ट करते हुए उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए : (A) आठ-आठ आँसू रोना (B) घड़ों पानी पड़ जाना (C) चाँद पर थूकना (D) जमीन पर पैर न पड़ना (E) पौ बारह होना (F) आये थे हरिभजन को ओटन लगे कपास (G) कहीं का ईंट, कहीं का रोड़ा, भानुमती ने कुनबा जोड़ा। (H) छप्पर पर फूस नहीं, ड्योढ़ी पर नाच। (I) तसलवा तोर कि मोर (J) मेढकी को जुकाम होना
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
मुहावरों एवं लोकोक्तियों के अर्थ तथा वाक्य प्रयोग:
- (A) आठ-आठ आँसू रोना:
अर्थ: बुरी तरह पछताना / फूट-फूटकर विलाप करना।
वाक्य प्रयोग: समय रहते पढ़ाई न करने के कारण परीक्षा में फेल होकर छात्र आठ-आठ आँसू रोने लगा। - (B) घड़ों पानी पड़ जाना:
अर्थ: अत्यधिक लज्जित या शर्मिंदा होना।
वाक्य प्रयोग: जब उसकी चोरी रंगे हाथों पकड़ी गई, तो उसके चेहरे पर घड़ों पानी पड़ गया। - (C) चाँद पर थूकना:
अर्थ: किसी निष्कलंक, महान अथवा आदरणीय व्यक्ति पर लांछन लगाकर स्वयं कलंकित होना।
वाक्य प्रयोग: महात्मा गांधी के चरित्र पर लांछन लगाना चाँद पर थूकने के समान है। - (D) जमीन पर पैर न पड़ना:
अर्थ: अत्यधिक खुशी या घमंड से भर जाना।
वाक्य प्रयोग: उप-जिलाधिकारी (SDM) पद पर चयन होते ही उसके पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे हैं। - (E) पौ बारह होना:
अर्थ: अत्यधिक लाभ होना / चारों ओर से सफलता मिलना।
वाक्य प्रयोग: इस वर्ष बंपर फसल और ऊँचे दामों के कारण किसानों के पौ बारह हो गए। - (F) आये थे हरिभजन को, ओटन लगे कपास:
अर्थ: किसी बड़े और मुख्य उद्देश्य को छोड़कर छोटे या व्यर्थ काम में लग जाना।
वाक्य प्रयोग: वह शहर सिविल सेवा की तैयारी करने आया था और यहाँ व्यापार में समय गँवाने लगा—आये थे हरिभजन को, ओटन लगे कपास। - (G) कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा, भानुमती ने कुनबा जोड़ा:
अर्थ: असंगत और बेमेल वस्तुओं या लोगों को जोड़कर अनमेल संगठन बनाना।
वाक्य प्रयोग: विरोधी विचारधारा वाले दलों का अवसरवादी गठबंधन सचमुच 'भानुमती का कुनबा' है। - (H) छप्पर पर फूस नहीं, ड्योढ़ी पर नाच:
अर्थ: घर में घोर निर्धनता होना, किन्तु बाहर झूठी शान और दिखावा करना।
वाक्य प्रयोग: खाने को घर में दाने नहीं हैं और कर्ज लेकर कार खरीद ली—छप्पर पर फूस नहीं, ड्योढ़ी पर नाच। - (I) तसलवा तोर कि मोर:
अर्थ: स्पष्ट स्वामित्व या अधिकार का निर्णय न होना / संशय की स्थिति।
वाक्य प्रयोग: संपत्ति के मौखिक बँटवारे में दोनों भाई यही पूछते रह गए—तसलवा तोर कि मोर। - (J) मेढकी को जुकाम होना:
अर्थ: अपनी औकात या सामर्थ्य से बाहर की बात करना / अनहोनी स्थिति का ढोंग रचना।
वाक्य प्रयोग: जो दिन भर पानी में काम करता था, वह हल्की फुहार से बीमार होने का ढोंग कर रहा है—इसे कहते हैं मेढकी को जुकाम होना।