निम्नलिखित विषय पर लगभग 250 शब्दों में निबंध लिखिए : "स्वच्छ भारत अभियान"
स्वच्छ भारत अभियान: जन-आंदोलन की शक्ति, नारी गरिमा, इंदौर मॉडल एवं संधारणीय अपशिष्ट प्रबंधन
"स्वच्छता स्वतंत्रता से भी अधिक महत्वपूर्ण है; स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का पावन राष्ट्रीय धर्म है।" — महात्मा गांधी
1. प्रस्तावना एवं ऐतिहासिक जन-आंदोलन:
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 145वीं जयंती पर 2 अक्टूबर 2014 को प्रारंभ किया गया 'स्वच्छ भारत मिशन' (SBM) स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा और सफलतम जन-आंदोलन (Jan Andolan) सिद्ध हुआ। इस अभियान ने स्वच्छता को केवल झाड़ू लगाने तक सीमित न रखकर जन-सामान्य के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन (Behavioral Change) लाकर देश को खुले में शौच की कुप्रथा से मुक्ति दिलाई।
2. प्रमुख उपलब्धियाँ एवं बहुआयामी प्रभाव:
- खुले में शौच से मुक्ति (ODF): देश में 11.5 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कर महात्मा गांधी की 150वीं जयंती (2 अक्टूबर 2019) पर भारत को पूर्णतः ODF घोषित किया गया।
- नारी गरिमा एवं सुरक्षा (इज्जत घर): ग्रामीण महिलाओं और बेटियों को खुले में शौच की शर्मिंदगी और असुरक्षा से मुक्ति दिलाकर उनके आत्म-सम्मान की रक्षा की गई।
- जन-स्वास्थ्य में क्रांतिकारी सुधार: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार इस अभियान से डायरिया, हैजा और संक्रामक रोगों में भारी कमी आई और 3 लाख से अधिक बच्चों का जीवन बचाया गया।
- स्वच्छ भारत 2.0 (ODF Plus व चक्रीय अर्थव्यवस्था): अब कचरा-मुक्त शहरों (Garbage-Free Cities), ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन और 'गोवर्धन' (बायो-सीएनजी) प्लांट्स पर ध्यान।
3. मध्य प्रदेश: स्वच्छता का राष्ट्रीय सिरमौर:
मध्य प्रदेश देश में स्वच्छता का ध्वजवाहक है। इंदौर ने लगातार 7 वर्षों तक देश का सबसे स्वच्छ शहर (Cleanest City) बनकर विश्वस्तरीय कीर्तिमान स्थापित किया है, जहाँ 100% कचरा पृथक्करण और 550 टन का एशिया का सबसे बड़ा बायो-सीएनजी प्लांट संचालित है। भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी बनी है।
4. निष्कर्ष:
स्वच्छता कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का स्थाई संस्कार है। 'स्वच्छता ही सेवा' और 'स्वच्छता से समृद्धि' के भाव को आत्मसात कर जब 140 करोड़ नागरिक जागरूक रहेंगे, तभी हमारा देश स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनेगा और 'विकसित भारत @2047' का स्वप्न साकार होगा।
In English (Question & Model Answer)
निम्नलिखित विषय पर लगभग 250 शब्दों में निबंध लिखिए : "स्वच्छ भारत अभियान"
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 6 (Hindi Essay and Administrative Drafting / हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script) by all candidates regardless of their opted medium for GS1–GS4. Answers written in English are not evaluated in the actual examination. The authentic Hindi model answer is provided below for your preparation.
स्वच्छ भारत अभियान: जन-आंदोलन की शक्ति, नारी गरिमा, इंदौर मॉडल एवं संधारणीय अपशिष्ट प्रबंधन
"स्वच्छता स्वतंत्रता से भी अधिक महत्वपूर्ण है; स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का पावन राष्ट्रीय धर्म है।" — महात्मा गांधी
1. प्रस्तावना एवं ऐतिहासिक जन-आंदोलन:
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 145वीं जयंती पर 2 अक्टूबर 2014 को प्रारंभ किया गया 'स्वच्छ भारत मिशन' (SBM) स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा और सफलतम जन-आंदोलन (Jan Andolan) सिद्ध हुआ। इस अभियान ने स्वच्छता को केवल झाड़ू लगाने तक सीमित न रखकर जन-सामान्य के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन (Behavioral Change) लाकर देश को खुले में शौच की कुप्रथा से मुक्ति दिलाई।
2. प्रमुख उपलब्धियाँ एवं बहुआयामी प्रभाव:
- खुले में शौच से मुक्ति (ODF): देश में 11.5 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कर महात्मा गांधी की 150वीं जयंती (2 अक्टूबर 2019) पर भारत को पूर्णतः ODF घोषित किया गया।
- नारी गरिमा एवं सुरक्षा (इज्जत घर): ग्रामीण महिलाओं और बेटियों को खुले में शौच की शर्मिंदगी और असुरक्षा से मुक्ति दिलाकर उनके आत्म-सम्मान की रक्षा की गई।
- जन-स्वास्थ्य में क्रांतिकारी सुधार: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार इस अभियान से डायरिया, हैजा और संक्रामक रोगों में भारी कमी आई और 3 लाख से अधिक बच्चों का जीवन बचाया गया।
- स्वच्छ भारत 2.0 (ODF Plus व चक्रीय अर्थव्यवस्था): अब कचरा-मुक्त शहरों (Garbage-Free Cities), ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन और 'गोवर्धन' (बायो-सीएनजी) प्लांट्स पर ध्यान।
3. मध्य प्रदेश: स्वच्छता का राष्ट्रीय सिरमौर:
मध्य प्रदेश देश में स्वच्छता का ध्वजवाहक है। इंदौर ने लगातार 7 वर्षों तक देश का सबसे स्वच्छ शहर (Cleanest City) बनकर विश्वस्तरीय कीर्तिमान स्थापित किया है, जहाँ 100% कचरा पृथक्करण और 550 टन का एशिया का सबसे बड़ा बायो-सीएनजी प्लांट संचालित है। भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी बनी है।
4. निष्कर्ष:
स्वच्छता कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का स्थाई संस्कार है। 'स्वच्छता ही सेवा' और 'स्वच्छता से समृद्धि' के भाव को आत्मसात कर जब 140 करोड़ नागरिक जागरूक रहेंगे, तभी हमारा देश स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनेगा और 'विकसित भारत @2047' का स्वप्न साकार होगा।