मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: इतिहास›इकाई-1 भारत का प्राचीन एवं मध्यकालीन इतिहास›भारतीय इतिहास - भारत का राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास, हड़प्पा सभ्यता से 10वीं शताब्दी तक›पंचमहाव्रत 'अक्षणुव्रत' पर 20 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

पंचमहाव्रत 'अक्षणुव्रत' पर 20 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

20163M
आदर्श उत्तर

जैन धर्म के पंचमहाव्रत एवं अणुव्रत:

  • पांच आधारभूत नैतिक नियम:
    1. अहिंसा, 2. सत्य, 3. अस्तेय (चोरी न करना), 4. अपरिग्रह (संग्रह न करना), तथा 5. ब्रह्मचर्य (महावीर स्वामी द्वारा जोड़ा गया)।
  • स्वरूप: जैन मुनियों हेतु इनका कठोर पालन 'महाव्रत' कहलाता है, जबकि गृहस्थों (श्रावकों) हेतु इनका सरल व व्यावहारिक पालन 'अणुव्रत' कहलाता है।

In English (Question & Model Answer)

Write a short note on Panchmahavrata 'Akshnuvrata' in 20 words.

Panchamhavrata and Anuvrata in Jainism:

  • Five Core Ethical Vows:
    1. Ahimsa (Non-violence), 2. Satya (Truth), 3. Asteya (Non-stealing), 4. Aparigraha (Non-possession), 5. Brahmacharya (Celibacy - added by Mahavira).
  • Distinction: Practiced strictly by Monks as Mahavratas; practiced in milder, practical form by Householders (Shravakas) as Anuvratas (अणुव्रत).
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