मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-ब: उद्यमिता, प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं केस स्टडी›इकाई-3 प्रशासन व प्रबंधन›वित्तीय प्रबंध लोक प्रशासन में उनका कार्यक्षेत्र एवं महत्व›सरकारी प्रशासन में 'चूक का नियम' प्रणाली क्या है ?

सरकारी प्रशासन में 'चूक का नियम' प्रणाली क्या है ?

20163M
आदर्श उत्तर

सरकारी प्रशासन में 'चूक का नियम' (Rule of Lapse):

  • वित्तीय सिद्धांत: संसदीय बजट व्यवस्था का वह नियम जिसके अनुसार वित्तीय वर्ष के अंत (31 मार्च) तक खर्च न हो सकी अप्रयुक्त बजटीय अनुदान राशि स्वतः व्यपगत (Lapse) होकर भारत/राज्य की संचित निधि में वापस लौट जाती है।
  • प्रभाव: यह कार्यपालिका को अतिरिक्त संचय से रोकता है, यद्यपि इसके कारण वित्तीय वर्ष के अंत में हड़बड़ी में खर्च करने की 'मार्च रश' (March Rush) की प्रवृत्ति जन्म लेती है।

In English (Question & Model Answer)

What is the system of 'Rule of Lapse' in Government Administration ?

'Rule of Lapse' in Government Administration:

  • Budgetary Principle: Financial rule mandating that any sanctioned budgetary funds granted by Parliament/Legislature that remain unspent at the end of the financial year (March 31) expire and return to the Consolidated Fund.
  • Outcome: Prevents executive hoarding of public funds, but often leads to unscientific "March Rush" expenditure.
इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
निशुल्क एंड्रॉइड ऐप

स्टेट PYQ ऐप पर बेहतर अभ्यास करें

⚡ एरर डायरी · ⏱ मेन्स आंसर पेसर टाइमर · 📴 ऑफलाइन रिवीजन वॉल्ट

डाउनलोड करेंGoogle Play