मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-4 लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य›लोक प्रशासन में नैतिक सद्‌गुण एवं मूल्य - प्रशासन में नैतिक तत्व-सत्यनिष्ठा, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता, नैतिक तर्क एवं नैतिक दुविधा तथा नैतिक मार्गदर्शन के रूप में अंतरात्मा, लोक सेवकों हेतु आचरण संहिता, शासन में उच्च मूल्यों का पालन›लोक प्रशासन में नैतिक दुविधा को समझाइए ।

लोक प्रशासन में नैतिक दुविधा को समझाइए ।

20163M
आदर्श उत्तर

लोक प्रशासन में नैतिक दुविधा (Ethical Dilemma):

  • वह निर्णयकारी संकट जहाँ एक प्रशासक के सामने दो या अधिक वैध किन्तु परस्पर विरोधी नैतिक मूल्य उपस्थित हों (जैसे: कठोर नियम-पालन बनाम मानवीय करुणा, गोपनीयता बनाम सूचना का अधिकार), जहाँ एक का चुनाव करने पर दूसरे का हनन अनिवार्य हो जाता है।

In English (Question & Model Answer)

Explain moral dilemma in Public Administration.

Ethical Dilemma in Public Administration:

  • A complex decision-making conundrum wherein an administrator must choose between competing, mutually contradictory ethical principles (e.g., procedural rule compliance vs. humanitarian compassion; state secrecy vs. citizen transparency).
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