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महावीर स्वामी के अनुसार त्रिरत्न क्या हैं ?

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आदर्श उत्तर

महावीर स्वामी अनुसार जैन धर्म के 'त्रिरत्न' (Ratnatraya):

  1. सम्यक् दर्शन: तीर्थंकरों के वचनों और मोक्ष-तत्वों में सच्चा विश्वास।
  2. सम्यक् ज्ञान: संशय और भ्रम से रहित यथार्थ ज्ञान।
  3. सम्यक् चरित्र: पंच महाव्रतों का आचरण और पाप कर्मों का त्याग।

In English (Question & Model Answer)

What are 'Triratnas' according to Mahavir Swami?

Three Jewels (Triratna) According to Mahavira:

  1. Samyak Darshana: Right Faith in truth.
  2. Samyak Jnana: Right, doubt-free Knowledge.
  3. Samyak Charitra: Right Conduct through ethical vows.
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