मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-4 लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य›भ्रष्टाचार - भ्रष्टाचार के प्रकार एवं कारण, भ्रष्टाचार का प्रभाव, भ्रष्टाचार को अल्पतम करने के उपाय, समाज, सूचनातंत्र, परिवार एवं व्हिसिलब्लोअर की भूमिका, भ्रष्टाचार पर राष्ट्रसंघ की घोषणा, भ्रष्टाचार का मापन, ट्रांसपरेंसी इन्टरनेशनल, लोकपाल एवं लोकायुक्त›भ्रष्टाचार पर राष्ट्रसंघ की घोषणा को स्पष्ट कीजिए ।

भ्रष्टाचार पर राष्ट्रसंघ की घोषणा को स्पष्ट कीजिए ।

20166M
आदर्श उत्तर

भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCAC, 2003):

  1. वैश्विक कानूनी ढाँचा: यह भ्रष्टाचार के विरुद्ध विश्व की एकमात्र सर्वमान्य एवं कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधि है।
  2. मुख्य प्रावधान:
    • सार्वजनिक खरीद और न्यायपालिका में पारदर्शिता के निवारक उपाय लागू करना।
    • अवैध संवर्धन (Illicit Enrichment) और रिश्वतखोरी को संज्ञेय अपराध बनाना।
    • प्रत्यर्पण (Extradition) और विदेशी बैंकों में जमा काले धन की जब्ती व वापसी (Asset Recovery)।
    • विकासशील देशों को भ्रष्टाचार जांच हेतु तकनीकी सहायता प्रदान करना।

In English (Question & Model Answer)

Explain UN convention on corruption.

United Nations Convention Against Corruption (UNCAC, 2003):

  1. Legally Binding Universal Instrument: Premier multilateral treaty establishing global benchmarks to prevent and criminalize graft.
  2. Core Commitments:
    • Mandating preventive vigilance in public procurement and judicial systems.
    • Universal criminalization of cross-border bribery and illicit enrichment.
    • Enforcing international asset recovery and extradition of economic fugitives.
    • Technical capacity-building and mutual legal assistance across jurisdictions.
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