'सर्व-धर्म सम्मेलन' पर संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत कीजिए।
सांस्कृतिक/धार्मिक सम्मेलन प्रतिवेदन का मानक प्रारूप (Inter-faith Conference Report Draft):
सर्व-धर्म समभाव न्यास एवं जन-संपर्क विभाग, मध्य प्रदेश
प्रतिवेदन (REPORT)
विषय: उज्जैन में आयोजित राज्य स्तरीय 'सर्व-धर्म सम्मेलन' की कार्यवाही एवं निष्कर्षों से संबंधित प्रतिवेदन।
1. पृष्ठभूमि:
सिंहस्थ महापर्व के पावन अवसर पर सामाजिक समरसता, सांप्रदायिक सौहार्द एवं विश्व शांति के संदेश को प्रसारित करने के उद्देश्य से 15 अप्रैल 2016 को कालिदास संस्कृत अकादमी सभागार, उज्जैन में एक दिवसीय 'सर्व-धर्म सम्मेलन' का आयोजन किया गया।
2. मुख्य विचार-विमर्श एवं सहभागिता:
- धर्माचार्यों की सहभागिता: सम्मेलन में हिन्दू, इस्लाम, ईसाई, सिख, बौद्ध एवं जैन धर्मों के शीर्ष धर्माचार्यों, विचारकों और समाज-सुधारकों ने भाग लिया।
- सांस्कृतिक समरसता पर बल: सभी वक्ताओं ने सर्वसम्मति से इस बात पर बल दिया कि सभी धर्मों का मूल संदेश प्रेम, सत्य, दया, अहिंसा और मानव-सेवा है। उपासना की पद्धतियाँ अलग हो सकती हैं, किन्तु लक्ष्य एक ही है।
- नशा-मुक्ति एवं पर्यावरण संरक्षण संकल्प: सम्मेलन में सभी धर्मगुरुओं ने युवाओं को व्यसन-मुक्त बनाने और प्रकृति (नदियों व वनों) के संरक्षण हेतु संयुक्त रूप से जन-जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया।
3. निष्कर्ष:
सम्मेलन ने समाज में आपसी भाईचारे और साझी मानवीय विरासत को सशक्त बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
(हस्ताक्षर)
(सुरेश यादव)
संयोजक
सर्व-धर्म सम्मेलन समिति, उज्जैन
दिनांक: 18 अप्रैल, 2016
In English (Question & Model Answer)
'सर्व-धर्म सम्मेलन' पर संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत कीजिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
सांस्कृतिक/धार्मिक सम्मेलन प्रतिवेदन का मानक प्रारूप (Inter-faith Conference Report Draft):
सर्व-धर्म समभाव न्यास एवं जन-संपर्क विभाग, मध्य प्रदेश
प्रतिवेदन (REPORT)
विषय: उज्जैन में आयोजित राज्य स्तरीय 'सर्व-धर्म सम्मेलन' की कार्यवाही एवं निष्कर्षों से संबंधित प्रतिवेदन।
1. पृष्ठभूमि:
सिंहस्थ महापर्व के पावन अवसर पर सामाजिक समरसता, सांप्रदायिक सौहार्द एवं विश्व शांति के संदेश को प्रसारित करने के उद्देश्य से 15 अप्रैल 2016 को कालिदास संस्कृत अकादमी सभागार, उज्जैन में एक दिवसीय 'सर्व-धर्म सम्मेलन' का आयोजन किया गया।
2. मुख्य विचार-विमर्श एवं सहभागिता:
- धर्माचार्यों की सहभागिता: सम्मेलन में हिन्दू, इस्लाम, ईसाई, सिख, बौद्ध एवं जैन धर्मों के शीर्ष धर्माचार्यों, विचारकों और समाज-सुधारकों ने भाग लिया।
- सांस्कृतिक समरसता पर बल: सभी वक्ताओं ने सर्वसम्मति से इस बात पर बल दिया कि सभी धर्मों का मूल संदेश प्रेम, सत्य, दया, अहिंसा और मानव-सेवा है। उपासना की पद्धतियाँ अलग हो सकती हैं, किन्तु लक्ष्य एक ही है।
- नशा-मुक्ति एवं पर्यावरण संरक्षण संकल्प: सम्मेलन में सभी धर्मगुरुओं ने युवाओं को व्यसन-मुक्त बनाने और प्रकृति (नदियों व वनों) के संरक्षण हेतु संयुक्त रूप से जन-जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया।
3. निष्कर्ष:
सम्मेलन ने समाज में आपसी भाईचारे और साझी मानवीय विरासत को सशक्त बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
(हस्ताक्षर)
(सुरेश यादव)
संयोजक
सर्व-धर्म सम्मेलन समिति, उज्जैन
दिनांक: 18 अप्रैल, 2016