प्रदेश के संस्कृति निदेशालय द्वारा किसी व्यक्ति के पत्र के उत्तर में लोक संस्कृति के उत्थान के लिए किए गए प्रयासों का विवरण देते हुए अर्ध-शासकीय पत्र का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।
शासकीय पत्र का मानक प्रशासनिक प्रारूप:
संस्कृति निदेशालय, मध्य प्रदेश शासन
बाणगंगा मार्ग, भोपाल (म.प्र.)
क्रमांक: सं.नि./लोक-कला/2016/874 दिनांक: 14 सितम्बर, 2016
प्रति,
श्री राधेश्याम तिवारी (अध्यक्ष, लोक-कला मंच),
सिविल लाइन्स, रीवा (म.प्र.)।
विषय: पारंपरिक लोक-कलाओं के संवर्धन एवं स्थानीय कलाकारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के संबंध में।
महोदय,
आपके पत्र दिनांक 20 अगस्त 2016 के संदर्भ में लेख है कि मध्य प्रदेश संस्कृति निदेशालय प्रदेश की समृद्ध लोक-संस्कृति, जनजातीय कलाओं एवं पारंपरिक लोक-नाट्य (माच, स्वांग, गम्मत आदि) के संरक्षण हेतु निरंतर प्रयासरत है।
इस दिशा में शासन द्वारा निम्नलिखित योजनाएँ प्रभावी हैं:
- 1. मासिक मानदेय/पेंशन योजना: वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ लोक कलाकारों को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
- 2. राष्ट्रीय/राज्य स्तरीय मंच: 'खजुराहो नृत्य समारोह', 'तानसेन समारोह' एवं 'लोकरंग' में स्थानीय लोक कलाकारों को वरीयता से मंच व पारिश्रमिक दिया जा रहा है।
- 3. प्रलेखन एवं कार्यशालाएँ: विलुप्तप्राय लोक विधाओं के डिजिटल दस्तावेजीकरण एवं युवा पीढ़ी के प्रशिक्षण हेतु अनुदान स्वीकृत किया जाता है।
आपसे अनुरोध है कि पात्र कलाकारों के विधिवत आवेदन निर्धारित प्रपत्र में निदेशालय को प्रेषित कराएँ।
(हस्ताक्षर)
(राजेश प्रसाद)
निदेशक
संस्कृति निदेशालय, मध्य प्रदेश शासन
In English (Question & Model Answer)
प्रदेश के संस्कृति निदेशालय द्वारा किसी व्यक्ति के पत्र के उत्तर में लोक संस्कृति के उत्थान के लिए किए गए प्रयासों का विवरण देते हुए अर्ध-शासकीय पत्र का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
शासकीय पत्र का मानक प्रशासनिक प्रारूप:
संस्कृति निदेशालय, मध्य प्रदेश शासन
बाणगंगा मार्ग, भोपाल (म.प्र.)
क्रमांक: सं.नि./लोक-कला/2016/874 दिनांक: 14 सितम्बर, 2016
प्रति,
श्री राधेश्याम तिवारी (अध्यक्ष, लोक-कला मंच),
सिविल लाइन्स, रीवा (म.प्र.)।
विषय: पारंपरिक लोक-कलाओं के संवर्धन एवं स्थानीय कलाकारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के संबंध में।
महोदय,
आपके पत्र दिनांक 20 अगस्त 2016 के संदर्भ में लेख है कि मध्य प्रदेश संस्कृति निदेशालय प्रदेश की समृद्ध लोक-संस्कृति, जनजातीय कलाओं एवं पारंपरिक लोक-नाट्य (माच, स्वांग, गम्मत आदि) के संरक्षण हेतु निरंतर प्रयासरत है।
इस दिशा में शासन द्वारा निम्नलिखित योजनाएँ प्रभावी हैं:
- 1. मासिक मानदेय/पेंशन योजना: वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ लोक कलाकारों को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
- 2. राष्ट्रीय/राज्य स्तरीय मंच: 'खजुराहो नृत्य समारोह', 'तानसेन समारोह' एवं 'लोकरंग' में स्थानीय लोक कलाकारों को वरीयता से मंच व पारिश्रमिक दिया जा रहा है।
- 3. प्रलेखन एवं कार्यशालाएँ: विलुप्तप्राय लोक विधाओं के डिजिटल दस्तावेजीकरण एवं युवा पीढ़ी के प्रशिक्षण हेतु अनुदान स्वीकृत किया जाता है।
आपसे अनुरोध है कि पात्र कलाकारों के विधिवत आवेदन निर्धारित प्रपत्र में निदेशालय को प्रेषित कराएँ।
(हस्ताक्षर)
(राजेश प्रसाद)
निदेशक
संस्कृति निदेशालय, मध्य प्रदेश शासन