निम्नलिखित विषय पर लगभग 250 शब्दों में निबंध लिखिए : "कौशल भारत – विकसित भारत"
कौशल भारत – विकसित भारत: जनसांख्यिकीय लाभांश, उद्योग 4.0, तकनीकी दक्षता एवं 2047 का विजन
"डिग्रियां केवल कागजी योग्यता दर्शाती हैं, किन्तु हाथों का हुनर (कौशल) ही अर्थव्यवस्था का निर्माण करता है; 'कौशल भारत' ही 'विकसित भारत' की सबसे मजबूत रीढ़ है।"
1. प्रस्तावना एवं जनसांख्यिकीय लाभांश:
भारत आज 65% से अधिक कार्यशील आयु वर्ग (15-59 वर्ष) की आबादी के साथ विश्व का सबसे युवा देश है। यह विशाल 'जनसांख्यिकीय लाभांश' (Demographic Dividend) तभी फलदायी हो सकता है जब हमारे युवाओं के पास आधुनिक उद्योगों और वैश्विक बाजार की मांग के अनुसार तकनीकी कौशल (Skills) हो। अतः 'कौशल भारत मिशन' (Skill India) केवल एक योजना नहीं, बल्कि 2047 तक भारत को एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र (Viksit Bharat @2047) बनाने का सबसे बड़ा महायज्ञ है।
2. कौशल विकास द्वारा विकसित भारत के प्रमुख आयाम:
- उद्योग 4.0 (Industry 4.0) एवं उच्च तकनीक प्रशिक्षण:
पारंपरिक व्यवसायों के साथ-साथ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, सोलर ऊर्जा (सूर्य मित्र) तथा सेमीकंडक्टर निर्माण में दक्ष बनाना। - राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में व्यावसायिक शिक्षा:
स्कूली स्तर से ही वोकेशनल ट्रेनिंग और इंटर्नशिप को अनिवार्य कर 'रट्टामार शिक्षा' को 'व्यावहारिक हुनर' में बदलना। - 'पीएम विश्वकर्मा योजना' एवं पारंपरिक कारीगर:
हस्तशिल्पियों, बढ़ई, लोहार, कुम्हार और राजमिस्त्रियों को आधुनिक औजार और सस्ता ऋण देकर उनके कौशल का उन्नयन करना। - मध्य प्रदेश के अभिनव प्रयास:
- मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY): उद्योगों में लाइव ट्रेनिंग के साथ युवाओं को ₹8,000 से ₹10,000 तक मासिक मानदेय।
- ग्लोबल स्किल्स पार्क (भोपाल): सिंगापुर के सहयोग से स्थापित विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र।
3. निष्कर्ष:
जब भारत का प्रत्येक युवा कुशल, सक्षम और आत्मनिर्भर बनेगा, तो देश में विनिर्माण (Make in India) और नवाचार की बाढ़ आ जाएगी और भारत 'विश्व की कौशल राजधानी' (Skill Capital of the World) बनेगा। कुशल हाथों और नवाचारी मस्तिष्क की यही शक्ति भारत को आर्थिक व तकनीकी महाशक्ति बनाकर 'विकसित भारत @2047' के संकल्प को साकार करेगी।
In English (Question & Model Answer)
निम्नलिखित विषय पर लगभग 250 शब्दों में निबंध लिखिए : "कौशल भारत – विकसित भारत"
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 6 (Hindi Essay and Administrative Drafting / हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script) by all candidates regardless of their opted medium for GS1–GS4. Answers written in English are not evaluated in the actual examination. The authentic Hindi model answer is provided below for your preparation.
कौशल भारत – विकसित भारत: जनसांख्यिकीय लाभांश, उद्योग 4.0, तकनीकी दक्षता एवं 2047 का विजन
"डिग्रियां केवल कागजी योग्यता दर्शाती हैं, किन्तु हाथों का हुनर (कौशल) ही अर्थव्यवस्था का निर्माण करता है; 'कौशल भारत' ही 'विकसित भारत' की सबसे मजबूत रीढ़ है।"
1. प्रस्तावना एवं जनसांख्यिकीय लाभांश:
भारत आज 65% से अधिक कार्यशील आयु वर्ग (15-59 वर्ष) की आबादी के साथ विश्व का सबसे युवा देश है। यह विशाल 'जनसांख्यिकीय लाभांश' (Demographic Dividend) तभी फलदायी हो सकता है जब हमारे युवाओं के पास आधुनिक उद्योगों और वैश्विक बाजार की मांग के अनुसार तकनीकी कौशल (Skills) हो। अतः 'कौशल भारत मिशन' (Skill India) केवल एक योजना नहीं, बल्कि 2047 तक भारत को एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र (Viksit Bharat @2047) बनाने का सबसे बड़ा महायज्ञ है।
2. कौशल विकास द्वारा विकसित भारत के प्रमुख आयाम:
- उद्योग 4.0 (Industry 4.0) एवं उच्च तकनीक प्रशिक्षण:
पारंपरिक व्यवसायों के साथ-साथ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, सोलर ऊर्जा (सूर्य मित्र) तथा सेमीकंडक्टर निर्माण में दक्ष बनाना। - राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में व्यावसायिक शिक्षा:
स्कूली स्तर से ही वोकेशनल ट्रेनिंग और इंटर्नशिप को अनिवार्य कर 'रट्टामार शिक्षा' को 'व्यावहारिक हुनर' में बदलना। - 'पीएम विश्वकर्मा योजना' एवं पारंपरिक कारीगर:
हस्तशिल्पियों, बढ़ई, लोहार, कुम्हार और राजमिस्त्रियों को आधुनिक औजार और सस्ता ऋण देकर उनके कौशल का उन्नयन करना। - मध्य प्रदेश के अभिनव प्रयास:
- मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY): उद्योगों में लाइव ट्रेनिंग के साथ युवाओं को ₹8,000 से ₹10,000 तक मासिक मानदेय।
- ग्लोबल स्किल्स पार्क (भोपाल): सिंगापुर के सहयोग से स्थापित विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र।
3. निष्कर्ष:
जब भारत का प्रत्येक युवा कुशल, सक्षम और आत्मनिर्भर बनेगा, तो देश में विनिर्माण (Make in India) और नवाचार की बाढ़ आ जाएगी और भारत 'विश्व की कौशल राजधानी' (Skill Capital of the World) बनेगा। कुशल हाथों और नवाचारी मस्तिष्क की यही शक्ति भारत को आर्थिक व तकनीकी महाशक्ति बनाकर 'विकसित भारत @2047' के संकल्प को साकार करेगी।