मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: इतिहास›इकाई-1 भारत का प्राचीन एवं मध्यकालीन इतिहास›भारतीय इतिहास - भारत का राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास, हड़प्पा सभ्यता से 10वीं शताब्दी तक›अश्वघोष पर 20 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

अश्वघोष पर 20 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

20173M
आदर्श उत्तर

आचार्य अश्वघोष (1ली-2री शताब्दी ई.):

  • महान बौद्ध दार्शनिक, नाटककार एवं कवि: कुषाण सम्राट कनिष्क के राजकवि तथा कुंडलवन (कश्मीर) में आयोजित चतुर्थ बौद्ध संगीति के उपाध्यक्ष।
  • प्रमुख रचनाएं: संस्कृत का प्रथम महाकाव्य 'बुद्धचरित' (बौद्धों की रामायण), 'सौंदरानंद' तथा 'सारिपुत्रप्रकरण'।

In English (Question & Model Answer)

Write a short note on Ashwaghosh in 20 words.

Acharya Ashvaghosha (अश्वघोष - 1st–2nd Century A.D.):

  • Buddhist Philosopher & Sanskrit Poet: Vice-President of the 4th Buddhist Council (Kundalvana, Kashmir) patronized by Kushana Emperor Kanishka.
  • Literary Masterpieces: Authored the first complete Sanskrit epic biography of Buddha, Buddhacharita, as well as Saundarananda and Sariputraprakarana.
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