मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-1 भारतीय षड्दर्शन, दार्शनिक/विचारक, समाज सुधारक›स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविन्द, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. भीमराव आम्बेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय›राष्ट्रीय चेतना के जागरण में स्वामी विवेकानन्द के योगदान की चर्चा

राष्ट्रीय चेतना के जागरण में स्वामी विवेकानन्द के योगदान की चर्चा कीजिए।

20176M
आदर्श उत्तर

राष्ट्रीय चेतना के जागरण में स्वामी विवेकानन्द का योगदान:

  1. हीनभावना का उन्मूलन एवं आत्म-गौरव: औपनिवेशिक दासता से पीड़ित भारतीयों में सनातन संस्कृति, वेदान्त और आध्यात्मिक शक्ति का गौरव जगाया।
  2. शिकागो विजय (1893): विश्व पटल पर भारत की आध्यात्मिक श्रेष्ठता स्थापित कर स्वतंत्रता आंदोलन को वैश्विक सम्मान दिलाया।
  3. व्यावहारिक वेदांत एवं मानव सेवा: "अगले 50 वर्षों के लिए भारत माता ही हमारी एकमात्र आराध्य देवी होनी चाहिए"—युवाओं को देश सेवा हेतु प्रेरित किया।
  4. स्वाधीनता सेनानियों के प्रेरणास्रोत: सुभाष चंद्र बोस, अरविंद घोष और बाल गंगाधर तिलक ने उन्हें 'आधुनिक भारत के आध्यात्मिक पिता' के रूप में स्वीकार किया।

In English (Question & Model Answer)

Discuss the contribution of Swami Vivekananda in awakening national consciousness.

Contributions of Swami Vivekananda to the Awakening of Indian National Consciousness:

  1. Dismantling Colonial Inferiority Complex: Restored national self-esteem and pride in India's philosophical heritage.
  2. Global Recognition via Chicago Address (1893): Put Indian civilization at the forefront of global spiritual discourse.
  3. Nationalist Practical Vedanta: Proclaimed: "For the next fifty years let all other gods disappear from your minds. This is the only god that is awake, our own race!"
  4. Inspiration to Freedom Fighters: Revered by Netaji Subhas Chandra Bose and Sri Aurobindo as the spiritual architect of India's freedom struggle.
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