मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-4 लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य›भ्रष्टाचार - भ्रष्टाचार के प्रकार एवं कारण, भ्रष्टाचार का प्रभाव, भ्रष्टाचार को अल्पतम करने के उपाय, समाज, सूचनातंत्र, परिवार एवं व्हिसिलब्लोअर की भूमिका, भ्रष्टाचार पर राष्ट्रसंघ की घोषणा, भ्रष्टाचार का मापन, ट्रांसपरेंसी इन्टरनेशनल, लोकपाल एवं लोकायुक्त›भ्रष्टाचार के दुष्प्रभावों की व्याख्या कीजिए।

भ्रष्टाचार के दुष्प्रभावों की व्याख्या कीजिए।

20176M
आदर्श उत्तर

भ्रष्टाचार के गंभीर एवं विनाशकारी दुष्प्रभाव:

  1. आर्थिक दुष्प्रभाव: सार्वजनिक धन का गबन, कर-चोरी (काले धन की समानांतर अर्थव्यवस्था), विकास योजनाओं की लागत में वृद्धि और विदेशी निवेश (FDI) का हतोत्साहन।
  2. सामाजिक अन्याय: गरीबों के हिस्से का राशन, स्वास्थ्य और शिक्षा छिन जाना, जिससे निर्धनता और असमानता बढ़ती है।
  3. प्रशासनिक व राजनीतिक दुष्प्रभाव: विधि के शासन (Rule of Law) और लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख नष्ट होना, तथा अयोग्य व्यक्तियों को लाभ मिलना।
  4. राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा: रक्षा सौदों व सीमा सुरक्षा में भ्रष्टाचार से राष्ट्र की संप्रभुता संकट में पड़ना।

In English (Question & Model Answer)

Explain the ill-effects of corruption.

Multidimensional Adverse Repercussions of Corruption:

  1. Macroeconomic Destruction: Embezzlement of state revenues, growth of shadow black-money economies, escalated project costs, and capital flight.
  2. Exacerbation of Inequality: Siphons welfare funds (PDS rations, medicine) away from indigent populations, deepening systemic poverty.
  3. Subversion of Democratic Institutions: Compromises the rule of law, breeds administrative cynicism, and dismantles meritocracy.
  4. National Security Vulnerabilities: Compromises defense procurement integrity and border surveillance infrastructure.
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