मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: राजनीति विज्ञान›इकाई-1 संविधान एवं मौलिक अधिकार›वैचारिक तत्व - उद्देशिका, मूल अधिकार, मूल कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निदेशक तत्व›भारत में सम्पत्ति के अधिकार को मूल अधिकारों में से हटाने का प्रमुख

भारत में सम्पत्ति के अधिकार को मूल अधिकारों में से हटाने का प्रमुख कारण क्या था?

20183M
आदर्श उत्तर

संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकारों से हटाने का मुख्य कारण:

  • भूमि सुधारों एवं सामाजिक न्याय में बाधा: तत्कालीन अनुच्छेद 19(1)(f) व 31 के तहत संपत्ति का मूल अधिकार जमींदारी उन्मूलन, भूमि सुधार, अधिकतम भूमि सीमा कानून तथा उद्योगों के राष्ट्रीयकरण में निरंतर न्यायिक रुकावटें पैदा कर रहा था।
  • संवैधानिक समाधान: 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा इसे भाग-III से हटाकर अनुच्छेद 300A के तहत मात्र एक विधिक/संवैधानिक अधिकार बना दिया गया।

In English (Question & Model Answer)

What was the main cause of removal of the right of property from the fundamental rights in India?

Cause of Removal of Right to Property from Fundamental Rights:

  • Conflict with Agrarian & Social Reforms: Fundamental Right to Property (former Articles 19(1)(f) and 31) led to prolonged judicial blockades against land ceiling, zamindari abolition, and nationalization of key industries.
  • Resolution (44th Amendment Act, 1978): Removed from Part III and made a legal/constitutional right under Article 300A in Part XII.
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