मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-4 लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य›लोक प्रशासन में नैतिक सद्‌गुण एवं मूल्य - प्रशासन में नैतिक तत्व-सत्यनिष्ठा, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता, नैतिक तर्क एवं नैतिक दुविधा तथा नैतिक मार्गदर्शन के रूप में अंतरात्मा, लोक सेवकों हेतु आचरण संहिता, शासन में उच्च मूल्यों का पालन›नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में 'अन्तरात्मा' से आप क्या समझते

नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में 'अन्तरात्मा' से आप क्या समझते हैं?

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आदर्श उत्तर

नैतिक मार्गदर्शन के रूप में 'अन्तरात्मा की आवाज' (Voice of Conscience):

  • व्यक्ति के भीतर की वह स्वाभाविक नैतिक विवेक-शक्ति जो बाह्य नियमों की अनुपस्थिति या जटिल नैतिक दुविधाओं के समय सही और गलत का तात्कालिक बोध कराती है तथा लोक सेवक को न्यायसंगत मार्ग पर चलने हेतु प्रेरित करती है।

In English (Question & Model Answer)

What do you understand by 'conscience' as source of ethical guidance?

'Conscience' as an Internal Source of Moral Guidance:

  • The intuitive internal moral compass and cognitive faculty that enables an administrator to discern right from wrong and make morally righteous decisions during complex ethical dilemmas where formal rules are ambiguous.
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