'यण् संधि' किसे कहते हैं? उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।
आदर्श उत्तर
यण् स्वर संधि की परिभाषा एवं उदाहरण:
1. परिभाषा: जब ह्रस्व या दीर्घ 'इ/ई', 'उ/ऊ' या 'ऋ' के बाद कोई असमान (भिन्न) स्वर आता है, तो 'इ/ई' का 'य्', 'उ/ऊ' का 'व्' तथा 'ऋ' का 'र्' हो जाता है (इको यणचि)।
2. उदाहरण:
- यदि + अपि = यद्यपि (इ + अ = य्)
- इति + आदि = इत्यादि (इ + आ = या)
- अनु + अय = अन्वय (उ + अ = व्)
- पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा (ऋ + आ = रा)
In English (Question & Model Answer)
'यण् संधि' किसे कहते हैं? उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
यण् स्वर संधि की परिभाषा एवं उदाहरण:
1. परिभाषा: जब ह्रस्व या दीर्घ 'इ/ई', 'उ/ऊ' या 'ऋ' के बाद कोई असमान (भिन्न) स्वर आता है, तो 'इ/ई' का 'य्', 'उ/ऊ' का 'व्' तथा 'ऋ' का 'र्' हो जाता है (इको यणचि)।
2. उदाहरण:
- यदि + अपि = यद्यपि (इ + अ = य्)
- इति + आदि = इत्यादि (इ + आ = या)
- अनु + अय = अन्वय (उ + अ = व्)
- पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा (ऋ + आ = रा)