मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›संधि एवं समास, मुहावरे एवं कहावतें›कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में अंतर लिखिए। एक-एक उदाहरण दीजिए।

कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में अंतर लिखिए। एक-एक उदाहरण दीजिए।

20183M
आदर्श उत्तर

कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में मुख्य अंतर:

  • 1. कर्मधारय समास: इसमें दोनों पदों में विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध होता है तथा उत्तर पद प्रधान होता है।
    उदाहरण: नीलकमल = नीला है जो कमल।
  • 2. बहुव्रीहि समास: इसमें दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अन्य पद (संज्ञा) की ओर संकेत करते हैं तथा वही अन्य पद प्रधान होता है।
    उदाहरण: नीलकंठ = नीला है कंठ जिसका अर्थात् भगवान शिव।

In English (Question & Model Answer)

कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में अंतर लिखिए। एक-एक उदाहरण दीजिए।

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में मुख्य अंतर:

  • 1. कर्मधारय समास: इसमें दोनों पदों में विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध होता है तथा उत्तर पद प्रधान होता है।
    उदाहरण: नीलकमल = नीला है जो कमल।
  • 2. बहुव्रीहि समास: इसमें दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अन्य पद (संज्ञा) की ओर संकेत करते हैं तथा वही अन्य पद प्रधान होता है।
    उदाहरण: नीलकंठ = नीला है कंठ जिसका अर्थात् भगवान शिव।
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