मूलनिष्ठ और मूलाश्रित अनुवाद किसे कहते हैं? स्पष्ट कीजिए।
आदर्श उत्तर
मूलनिष्ठ एवं मूलाश्रित अनुवाद में अंतर:
- 1. मूलनिष्ठ अनुवाद (Literal Translation): इसमें स्रोत भाषा (Source Text) के प्रत्येक शब्द, वाक्य-संरचना और व्याकरणिक क्रम का अक्षरशः (ज्यों-का-त्यों) पालन किया जाता है। यह विधिक व वैज्ञानिक पाठों हेतु उपयुक्त होता है।
- 2. मूलाश्रित / भावानुवाद (Sense-for-Sense Translation): इसमें स्रोत पाठ के मूल मर्म, भाव और संदेश को सुरक्षित रखते हुए लक्ष्य भाषा की स्वाभाविक प्रकृति एवं मुहावरे के अनुसार सहज अभिव्यक्ति दी जाती है।
In English (Question & Model Answer)
मूलनिष्ठ और मूलाश्रित अनुवाद किसे कहते हैं? स्पष्ट कीजिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
मूलनिष्ठ एवं मूलाश्रित अनुवाद में अंतर:
- 1. मूलनिष्ठ अनुवाद (Literal Translation): इसमें स्रोत भाषा (Source Text) के प्रत्येक शब्द, वाक्य-संरचना और व्याकरणिक क्रम का अक्षरशः (ज्यों-का-त्यों) पालन किया जाता है। यह विधिक व वैज्ञानिक पाठों हेतु उपयुक्त होता है।
- 2. मूलाश्रित / भावानुवाद (Sense-for-Sense Translation): इसमें स्रोत पाठ के मूल मर्म, भाव और संदेश को सुरक्षित रखते हुए लक्ष्य भाषा की स्वाभाविक प्रकृति एवं मुहावरे के अनुसार सहज अभिव्यक्ति दी जाती है।