मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: इतिहास›इकाई-5 मध्य प्रदेश की रियासतें एवं जनजाति नायक›मध्यप्रदेश के जनजातीय नायकों का संघर्ष एवं इतिहास में योगदान - राजा शंकरशाह, रघुनाथ शाह, रानी दुर्गावती, भीमाजी नायक, खाज्यानायक, टंट्या भील, गंजनसिंह कोरकू, बादल भोई, पेमा फाल्या›शंकरशाह पर 20 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

शंकरशाह पर 20 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

20193M
आदर्श उत्तर

राजा शंकर शाह (1783-1857):

  • गोंडवाना के अमर क्रांतिकारी नरेश: गढ़ा-मंडला (जबलपुर) के प्रतापी गोंड राजवंश (रानी दुर्गावती के वंशज) के 74 वर्षीय देशभक्त राजा।
  • सर्वोच्च बलिदान: 1857 की क्रांति में महाकौशल में विद्रोह का नेतृत्व किया; 18 सितंबर 1857 को अंग्रेजों द्वारा तोप के मुंह से बांधकर शहीद कर दिए गए।

In English (Question & Model Answer)

Write a short note on Shankarshah in 20 words.

Raja Shankar Shah (1783–1857):

  • Gondwana King & Freedom Martyr: Direct descendant of Rani Durgawati and royal ruler of the Garha-Mandla Gond dynasty in Jabalpur (MP).
  • Supreme Sacrifice: Spearheaded the 1857 uprising in Mahakoshal; blown from a British cannon along with his son Kunwar Raghunath Shah on 18 September 1857 in Jabalpur.
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