मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: राजनीति विज्ञान›इकाई-3 लोकतंत्र, मीडिया एवं विचारक›भारतीय राजनीतिक विचारक कौटिल्य, देवी अहिल्याबाई होलकर, महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरु, सरदार वल्लभ भाई पटेल, राममनोहर लोहिया, डॉ. भीमराव आम्बेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, जयप्रकाश नारायण›सत्य एवं ईश्वर के सम्बन्ध में गांधीजी के विचार बताइये।

सत्य एवं ईश्वर के सम्बन्ध में गांधीजी के विचार बताइये।

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आदर्श उत्तर

सत्य एवं ईश्वर पर महात्मा गांधी के विचार:

  • प्रारंभ में गांधीजी मानते थे कि "ईश्वर ही सत्य है" (God is Truth), किन्तु गहन साधना के बाद वे इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि "सत्य ही ईश्वर है" (Truth is God)। क्योंकि नास्तिक भी ईश्वर से इनकार कर सकता है, किन्तु 'सत्य' की सत्ता से कोई इनकार नहीं कर सकता।

In English (Question & Model Answer)

Describe Gandhian thought regarding Truth and God.

Gandhian Thought Regarding Truth and God:

  • Gandhi initially held "God is Truth", but later evolved his ontological realization to "Truth is God" (Satya hi Ishwar Hai). He reasoned that an atheist might deny the concept of God, but none can deny the supreme reality of Truth.
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