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जैन मतानुसार 'त्रिरत्न' किसे कहते हैं?

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आदर्श उत्तर

जैन धर्म के 'त्रिरत्न' (रत्नत्रय):

  1. सम्यक् दर्शन: तीर्थंकरों के उपदेशों व सत्य तत्वों में दृढ़ आस्था।
  2. सम्यक् ज्ञान: संशय-विहीन, यथार्थ व सच्चा ज्ञान।
  3. सम्यक् चरित्र: पंच महाव्रतों का पालन व अशुभ कर्मों का त्याग।

In English (Question & Model Answer)

What is 'Triratna' as per Jainism?

The 'Three Jewels' (Triratna) in Jain Philosophy:

  1. Samyak Darshana: Right Faith in truth.
  2. Samyak Jnana: Right, doubt-free Knowledge.
  3. Samyak Charitra: Right Conduct through ethical vows.
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