मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-1 भारतीय षड्दर्शन, दार्शनिक/विचारक, समाज सुधारक›स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविन्द, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. भीमराव आम्बेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय›पाश्चात्य शिक्षा के सम्बन्ध में स्वामी दयानन्द सरस्वती की अवधारणा

पाश्चात्य शिक्षा के सम्बन्ध में स्वामी दयानन्द सरस्वती की अवधारणा समझाइये।

20193M
आदर्श उत्तर

पाश्चात्य शिक्षा पर स्वामी दयानन्द सरस्वती के विचार:

  • वे पाश्चात्य शिक्षा के अंधानुकरण व भौतिकवादी भोगवाद के विरोधी थे, किन्तु उन्होंने आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तकनीकी ज्ञान व तर्कबुद्धि को वैदिक गुरुकुल शिक्षा के साथ समन्वित करने का पुरजोर समर्थन किया (जो DAV आंदोलन का आधार बना)।

In English (Question & Model Answer)

Discuss thoughts of Swami Dayanand Saraswati about Western Education.

Swami Dayananda Saraswati's Concept of Western Education:

  • Opposed blind imitation of Western cultural consumerism, but actively endorsed modern scientific rigor, technical knowledge, and empirical sciences synthesized with ancient Vedic moral values (inspiring the DAV educational movement).
इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
निशुल्क एंड्रॉइड ऐप

स्टेट PYQ ऐप पर बेहतर अभ्यास करें

⚡ एरर डायरी · ⏱ मेन्स आंसर पेसर टाइमर · 📴 ऑफलाइन रिवीजन वॉल्ट

डाउनलोड करेंGoogle Play