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निम्नलिखित विषय पर निबंध लिखिए: साहित्य समाज का दर्पण है

201950M#Mains2019#mppsc-mains-en
आदर्श उत्तर

निबंध: साहित्य समाज का दर्पण है

प्रस्तावना: आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने कहा था— "साहित्य ज्ञानराशि का संचित कोष है और समाज का दर्पण है।" साहित्य अपने युग की सामाजिक, राजनीतिक व सांस्कृतिक परिस्थितियों का सजीव चित्रण करता है।

भूमिका व प्रभाव:

  • यथार्थ का प्रकटीकरण: समाज में व्याप्त कुरीतियों, शोषण, संघर्षों और आशाओं को साहित्यकार अपनी लेखनी से प्रस्तुत करता है।
  • मार्गदर्शक की भूमिका: साहित्य केवल दर्पण ही नहीं, बल्कि दीपक (मार्गदर्शक) भी है जो समाज को नवचेतना प्रदान करता है।

निष्कर्ष: साहित्य और समाज का अन्योन्याश्रित संबंध ही सांस्कृतिक प्रगति का संवाहक है।

In English (Question & Model Answer)

Write an essay on: साहित्य समाज का दर्पण है

Essay: Literature is the Mirror of Society

Introduction: Literature reflects societal realities, struggles, aspirations, and moral evolution like a clear mirror.

Dimensions:

  • Reflective & Transformative Role: Literature does not merely mirror society; it actively reshapes public consciousness and corrects social evils.
  • Historical Proof: Bhakti movement poetry and nationalist literature fueled freedom movements.

Conclusion: Creative literature remains the guiding torch of human progress.

इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
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