मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: राजनीति विज्ञान›इकाई-4 मध्यप्रदेश का कार्यपालिका, विधायिका एवं आयोग›जवाबदेही एवं अधिकार- प्रतिस्पर्धा आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग, केन्द्रीय सतर्कता आयोग, मानव अधिकार आयोग, सूचना आयोग, उपभोक्ता फोरम, बाल आयोग, महिला आयोग›बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2005 का उद्देश्य क्या है ?

बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2005 का उद्देश्य क्या है ?

20203M
आदर्श उत्तर

बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 के उद्देश्य:

  1. संस्थागत तंत्र का गठन: बच्चों के अधिकारों के संरक्षण व संवर्धन हेतु राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) एवं राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोगों (SCPCR) की स्थापना।
  2. कानूनों की निगरानी: बाल अधिकारों के उल्लंघन की जांच तथा POCSO एक्ट, शिक्षा का अधिकार (RTE) व बाल श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी।
  3. बाल न्यायालयों की स्थापना: बाल उत्पीड़न एवं अपराधों के त्वरित विचारण हेतु प्रत्येक जिले में विशेष 'बाल न्यायालय' गठित करना।

In English (Question & Model Answer)

What is the purpose of Protection of Child Rights Act, 2005 ?

Purpose of Commissions for Protection of Child Rights Act, 2005 (CPCR Act):

  1. Statutory Institutional Machinery: Establishment of the National Commission (NCPCR) and State Commissions (SCPCR) for the protection and welfare of child rights.
  2. Monitoring & Enforcement: Inquiring into child rights violations, non-implementation of child welfare laws (POCSO, RTE Act, Child Labour Act).
  3. Children's Courts: Establishment of dedicated Children's Courts for speedy trial of offences against children.
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