मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र›खण्ड-ब: समाजशास्त्र›इकाई-1 समाजशास्त्र की आधारभूत अवधारणा›अनुष्ठान - विभिन्न संदर्भ, जाति व्यवस्था। आश्रम, पुरुषार्थ, समाज और विवाह पर धर्म और संप्रदायों का प्रभाव›चार आश्रमों का उल्लेख सर्वप्रथम किस ग्रंथ में मिलता है ?

चार आश्रमों का उल्लेख सर्वप्रथम किस ग्रंथ में मिलता है ?

20203M
आदर्श उत्तर

चारों आश्रमों का सर्वप्रथम उल्लेख:

  • ग्रंथ का नाम: जाबालोपनिषद् (Jabala Upanishad) — इसमें पहली बार चारों आश्रमों (ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ एवं संन्यास) का स्पष्ट एवं एक साथ विवरण प्राप्त होता है।
  • विशेष: इससे पूर्व छांदोग्य उपनिषद में केवल प्रथम तीन आश्रमों का ही उल्लेख मिलता है।

In English (Question & Model Answer)

In which book the description of four Ashramas mentioned first time ?

First Mention of Four Ashramas (चतुराश्रम):

  • Text: Jabala Upanishad (जाबालोपनिषद्) is the ancient Sanskrit text where all four Ashramas (Brahmacharya, Grihastha, Vanaprastha, and Sannyasa) are mentioned and explained together for the very first time.
  • Note: The earlier Chandogya Upanishad mentioned only the first three ashramas.
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