मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-4 लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य›लोक प्रशासन में नैतिक सद्‌गुण एवं मूल्य - प्रशासन में नैतिक तत्व-सत्यनिष्ठा, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता, नैतिक तर्क एवं नैतिक दुविधा तथा नैतिक मार्गदर्शन के रूप में अंतरात्मा, लोक सेवकों हेतु आचरण संहिता, शासन में उच्च मूल्यों का पालन›सार्वजनिक कर्मियों की नैतिक दुविधा क्या है ?

सार्वजनिक कर्मियों की नैतिक दुविधा क्या है ?

20202M
आदर्श उत्तर

सार्वजनिक कर्मियों की नैतिक दुविधा:

  • वह स्थिति जहाँ लोक सेवक के समक्ष नियम पालन बनाम मानवीय करुणा, शासकीय गोपनीयता बनाम जन-पारदर्शिता (RTI), अथवा व्यक्तिगत अंतरात्मा बनाम वरिष्ठों के मौखिक आदेशों के मध्य टकराव उत्पन्न होता है।

In English (Question & Model Answer)

What is moral dilemmas of public personnel ?

Ethical Dilemma of Public Servants:

  • The moral conflict between competing duties—such as strict rule compliance vs. humanitarian empathy, official secrecy vs. public right to information, or professional conscience vs. unlawful hierarchical directives.
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