मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-4 लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य›लोक प्रशासन में नैतिक सद्‌गुण एवं मूल्य - प्रशासन में नैतिक तत्व-सत्यनिष्ठा, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता, नैतिक तर्क एवं नैतिक दुविधा तथा नैतिक मार्गदर्शन के रूप में अंतरात्मा, लोक सेवकों हेतु आचरण संहिता, शासन में उच्च मूल्यों का पालन›भारतीय संविधान का अनुच्छेद 311 क्या कहता है ?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 311 क्या कहता है ?

20202M
आदर्श उत्तर

अनुच्छेद 311 (सिविल सेवकों को संवैधानिक संरक्षण):

  • यह सिविल सेवकों को मनमानी बर्खास्तगी से संरक्षण देता है: किसी अधिकारी को नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी से अधीनस्थ अधिकारी द्वारा बर्खास्त नहीं किया जा सकता तथा उचित जांच व सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर (Reasonable Opportunity of Being Heard) दिए बिना नहीं हटाया जा सकता।

In English (Question & Model Answer)

What does Article 311 of Indian Constitution say ?

Constitutional Mandate of Article 311:

  • Provides constitutional safeguards to civil servants against arbitrary dismissal: No civil servant shall be dismissed by an authority subordinate to the appointing authority, and dismissal requires a prior formal inquiry with reasonable opportunity of being heard.
इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
निशुल्क एंड्रॉइड ऐप

स्टेट PYQ ऐप पर बेहतर अभ्यास करें

⚡ एरर डायरी · ⏱ मेन्स आंसर पेसर टाइमर · 📴 ऑफलाइन रिवीजन वॉल्ट

डाउनलोड करेंGoogle Play