मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-1 भारतीय षड्दर्शन, दार्शनिक/विचारक, समाज सुधारक›महावीर, बुद्ध, आचार्य शंकर, चार्वाक, भर्तृहरि›अद्वैत वेदांत की व्याख्या कीजिए ।

अद्वैत वेदांत की व्याख्या कीजिए ।

20202M
आदर्श उत्तर

अद्वैत वेदांत (शंकराचार्य):

  • अद्वैत (द्वैत-रहित) दर्शन के अनुसार केवल 'निर्गुण ब्रह्म' ही एकमात्र सत्य है; यह जगत माया के कारण सत्य प्रतीत होता है तथा जीवात्मा और ब्रह्म में तात्विक रूप से कोई भेद नहीं है ("ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या जीवो ब्रह्मैव नापरः")।

In English (Question & Model Answer)

Describe Advaita Vedanta.

Exposition of Advaita Vedanta (Adi Sankaracharya):

  • Non-dualistic philosophy asserting that non-qualified Brahman alone is the ultimate reality; the physical universe is an apparent phenomenal illusion (Maya), and the individual soul (Atman) is identical with Brahman.
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