मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-4 लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य›लोक प्रशासन में नैतिक सद्‌गुण एवं मूल्य - प्रशासन में नैतिक तत्व-सत्यनिष्ठा, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता, नैतिक तर्क एवं नैतिक दुविधा तथा नैतिक मार्गदर्शन के रूप में अंतरात्मा, लोक सेवकों हेतु आचरण संहिता, शासन में उच्च मूल्यों का पालन›सत्यनिष्ठा की क्या जरूरत है ?

सत्यनिष्ठा की क्या जरूरत है ?

20205M
आदर्श उत्तर

प्रशासन में सत्यनिष्ठा की अपरिहार्य आवश्यकता:

  1. भ्रष्टाचार का समूल उन्मूलन: सत्यनिष्ठा लोक सेवकों को वित्तीय गबन, रिश्वतखोरी और भाई-भतीजावाद से दूर रखती है।
  2. जन-विश्वास एवं वैधता (Public Trust): जब प्रशासन सत्यनिष्ठ होता है, तो नागरिक नीतियों और कर-प्रणाली में स्वेच्छा से सहयोग करते हैं।
  3. संसाधनों का इष्टतम उपयोग: सार्वजनिक निधियों की लीकेज रुकती है और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है।
  4. नैतिक नेतृत्व: ईमानदार अधिकारी अधीनस्थों के लिए आदर्श रोल मॉडल बनते हैं।

In English (Question & Model Answer)

What is the need of integrity ?

Imperative Need for Integrity in Public Administration:

  1. Eradicating Systemic Graft: Shields public functionaries against bribery, kickbacks, and nepotism.
  2. Reinforcing Public Trust & Legitimacy: Inspires citizen confidence and compliance in tax policy and public welfare programs.
  3. Optimizing Resource Utilization: Prevents leakages of state funds, ensuring welfare reaches the poorest beneficiary (Antyodaya).
  4. Moral Leadership: Cultivates an ethical organizational culture and sets benchmarks for subordinate staff.
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