मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›संधि एवं समास, मुहावरे एवं कहावतें›'कर्मधारय समास' का तात्पर्य क्या है ?

'कर्मधारय समास' का तात्पर्य क्या है ?

20203M
आदर्श उत्तर

कर्मधारय समास का तात्पर्य एवं उदाहरण:

1. तात्पर्य: जिस तत्पुरुष सामासिक पद में पूर्व पद और उत्तर पद के बीच विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का संबंध होता है तथा उत्तर पद प्रधान होता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।

2. उदाहरण:

  • नीलकमल = नीला है जो कमल (विशेषण-विशेष्य)
  • चरणकमल = कमल के समान चरण (उपमान-उपमेय)
  • महात्मा = महान है जो आत्मा (विशेषण-विशेष्य)

In English (Question & Model Answer)

'कर्मधारय समास' का तात्पर्य क्या है ?

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

कर्मधारय समास का तात्पर्य एवं उदाहरण:

1. तात्पर्य: जिस तत्पुरुष सामासिक पद में पूर्व पद और उत्तर पद के बीच विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का संबंध होता है तथा उत्तर पद प्रधान होता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।

2. उदाहरण:

  • नीलकमल = नीला है जो कमल (विशेषण-विशेष्य)
  • चरणकमल = कमल के समान चरण (उपमान-उपमेय)
  • महात्मा = महान है जो आत्मा (विशेषण-विशेष्य)
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