'कर्मधारय समास' का तात्पर्य क्या है ?
आदर्श उत्तर
कर्मधारय समास का तात्पर्य एवं उदाहरण:
1. तात्पर्य: जिस तत्पुरुष सामासिक पद में पूर्व पद और उत्तर पद के बीच विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का संबंध होता है तथा उत्तर पद प्रधान होता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।
2. उदाहरण:
- नीलकमल = नीला है जो कमल (विशेषण-विशेष्य)
- चरणकमल = कमल के समान चरण (उपमान-उपमेय)
- महात्मा = महान है जो आत्मा (विशेषण-विशेष्य)
In English (Question & Model Answer)
'कर्मधारय समास' का तात्पर्य क्या है ?
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
कर्मधारय समास का तात्पर्य एवं उदाहरण:
1. तात्पर्य: जिस तत्पुरुष सामासिक पद में पूर्व पद और उत्तर पद के बीच विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का संबंध होता है तथा उत्तर पद प्रधान होता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।
2. उदाहरण:
- नीलकमल = नीला है जो कमल (विशेषण-विशेष्य)
- चरणकमल = कमल के समान चरण (उपमान-उपमेय)
- महात्मा = महान है जो आत्मा (विशेषण-विशेष्य)