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शब्दालंकार का तात्पर्य क्या है ?

20203M
आदर्श उत्तर

शब्दालंकार का तात्पर्य एवं उदाहरण:

1. तात्पर्य: जहाँ काव्य में विशिष्ट शब्दों अथवा वर्णों के विन्यास, ध्वनि एवं संरचना के माध्यम से चमत्कार एवं सौंदर्य उत्पन्न होता है, वहाँ 'शब्दालंकार' होता है। यदि इन शब्दों के स्थान पर उनका कोई पर्यायवाची रख दिया जाए तो अलंकारिक सौंदर्य समाप्त हो जाता है।

2. प्रमुख भेद: अनुप्रास, यमक, श्लेष, वक्रोक्ति।

3. उदाहरण: "तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए।" ('त' वर्ण की आवृत्ति से शब्द-सौंदर्य)।

In English (Question & Model Answer)

शब्दालंकार का तात्पर्य क्या है ?

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

शब्दालंकार का तात्पर्य एवं उदाहरण:

1. तात्पर्य: जहाँ काव्य में विशिष्ट शब्दों अथवा वर्णों के विन्यास, ध्वनि एवं संरचना के माध्यम से चमत्कार एवं सौंदर्य उत्पन्न होता है, वहाँ 'शब्दालंकार' होता है। यदि इन शब्दों के स्थान पर उनका कोई पर्यायवाची रख दिया जाए तो अलंकारिक सौंदर्य समाप्त हो जाता है।

2. प्रमुख भेद: अनुप्रास, यमक, श्लेष, वक्रोक्ति।

3. उदाहरण: "तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए।" ('त' वर्ण की आवृत्ति से शब्द-सौंदर्य)।

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