स्वर संधि को स्पष्ट कीजिए। पर 25 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
आदर्श उत्तर
स्वर संधि की परिभाषा एवं भेद:
1. परिभाषा: दो स्वरों के अत्यंत निकट आने पर उनके पारस्परिक मेल से जो ध्वनि-विकार (परिवर्तन) उत्पन्न होता है, उसे 'स्वर संधि' कहते हैं।
2. स्वर संधि के 5 मुख्य भेद:
- दीर्घ स्वर संधि: विद्या + आलय = विद्यालय
- गुण स्वर संधि: नर + ईश = नरेश
- वृद्धि स्वर संधि: सदा + एव = सदैव
- यण् स्वर संधि: यदि + अपि = यद्यपि
- अयादि स्वर संधि: ने + अन = नयन
In English (Question & Model Answer)
स्वर संधि को स्पष्ट कीजिए। पर 25 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
स्वर संधि की परिभाषा एवं भेद:
1. परिभाषा: दो स्वरों के अत्यंत निकट आने पर उनके पारस्परिक मेल से जो ध्वनि-विकार (परिवर्तन) उत्पन्न होता है, उसे 'स्वर संधि' कहते हैं।
2. स्वर संधि के 5 मुख्य भेद:
- दीर्घ स्वर संधि: विद्या + आलय = विद्यालय
- गुण स्वर संधि: नर + ईश = नरेश
- वृद्धि स्वर संधि: सदा + एव = सदैव
- यण् स्वर संधि: यदि + अपि = यद्यपि
- अयादि स्वर संधि: ने + अन = नयन