मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र›खण्ड-ब: भूगोल›इकाई-1 भारत का भौतिक स्वरूप एवं जलवायु›प्रमुख पहाड़ियाँ, पठार, नदियाँ और झीलें›लूनी नदी का संक्षिप्त विवरण दीजिए।

लूनी नदी का संक्षिप्त विवरण दीजिए।

20215M
आदर्श उत्तर

लूनी नदी (Luni River) का भौगोलिक विवरण:

लूनी नदी (प्राचीन नाम: लवणवती) थार मरुस्थल (पश्चिमी राजस्थान) की एकमात्र सबसे महत्वपूर्ण एवं अंतःस्थलीय अपवाह वाली नदी है:

  • उद्गम एवं प्रवाह: अजमेर के निकट अरावली पर्वतमाला की नाग पहाड़ी (पुष्कर घाटी) से उद्गम; कुल लंबाई 495 किमी; राजस्थान के 6 जिलों (अजमेर, नागौर, जोधपुर, पाली, बाड़मेर, जालौर) में प्रवाह।
  • अनूठी जल विशेषता (मीठे से खारी): बालोतरा (बाड़मेर) तक इसका जल मीठा रहता है, किंतु उसके बाद मरुस्थलीय मिट्टी के लवणों के घुलने से इसका जल अत्यधिक खारा (लवणीय) हो जाता है।
  • अंतःस्थलीय विलोपन: यह समुद्र में न गिरकर गुजरात के कच्छ के रण (Rann of Kutch) के दलदल में समाहित होकर विलीन हो जाती है।
  • प्रमुख सहायक नदियां: जवाई (जवाई बांध), सूकड़ी, बांडी, जोजरी तथा मीठड़ी।

In English (Question & Model Answer)

Give a brief description of Luni river.

Geographical Account of the Luni River:

The Luni River (लवणवती - Salty River) is the only major integrated inland river system of the Thar Desert in western Rajasthan:

  • Origin & Course: Originates in the Pushkar valley of the Aravalli Range near Ajmer (Nag Pahar) as Sagarmati; flows southwest for 495 km through Nagaur, Jodhpur, Barmer, and Jalore.
  • Unique Hydrological Characteristic (Sweet to Saline): Fresh/potable water up to Balotra (Barmer) for ~100 km, after which it becomes intensely saline due to high salt content in the desert soils.
  • Inland Drainage (Endorheic Basin): Does not reach the sea; completely terminates and disappears into the vast marshlands of the Rann of Kutch (Gujarat).
  • Major Tributaries: Jawai, Sukri, Bandi, Guhiya, and Jojari.
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