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दीनदयाल उपाध्याय ने मानवता के कौन से चार उद्देश्य बताए हैं ?

20213M
आदर्श उत्तर

दीनदयाल उपाध्याय द्वारा वर्णित मानव के चार अभीष्ट (पुरुषार्थ चतुष्टय):

  1. धर्म (Dharma): नैतिक, चारित्रिक एवं सामाजिक कर्तव्यों का पालन (समस्त पुरुषार्थों का आधार)।
  2. अर्थ (Artha): भौतिक जीवन यापन हेतु आवश्यक धन एवं संपदा (जो धर्म द्वारा नियंत्रित हो)।
  3. काम (Kama): धर्म के अनुकूल जीवन की प्राकृतिक एवं भावनात्मक इच्छाओं की पूर्ति।
  4. मोक्ष (Moksha): मानव आत्मा की अंतिम आध्यात्मिक मुक्ति एवं परम आनंद की प्राप्ति।

In English (Question & Model Answer)

Which are the four objectives of humankind narrated by Deendayal Upadhyaya ?

Four Objectives of Humankind (Purusharthas) Narrated by Deendayal Upadhyaya:

  1. Dharma (धर्म): Moral, ethical, and righteous duty guiding individual and collective conduct.
  2. Artha (अर्थ): Wealth and economic resources necessary for physical sustenance, regulated by Dharma.
  3. Kama (काम): Legitimate desires and emotional/sensory fulfillment in accordance with Dharma.
  4. Moksha (मोक्ष): Ultimate spiritual liberation and self-realization of the human soul.
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