मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र›खण्ड-ब: भूगोल›इकाई-4 आपदाएँ और तकनीकें›भूगोल में उन्नत तकनीकें- सुदूर संवेदन, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जी.आई.एस.), भौगोलिक स्थिति निर्धारण प्रणाली (जी.पी.एस.) तथा इनके अनुप्रयोग। उपग्रहो के प्रकार›भारत में रिमोट सेंसिंग का कार्य कब प्रारम्भ हुआ ?

भारत में रिमोट सेंसिंग का कार्य कब प्रारम्भ हुआ ?

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आदर्श उत्तर

भारत में रिमोट सेंसिंग (सुदूर संवेदन) का प्रारंभ:

  • 1970 में: इसरो द्वारा केरल के कोकोनट पाम में 'रूट-विल्ट' (Root-Wilt) रोग का पता लगाने हेतु हैलिकॉप्टर/हवाई जहाज से मल्टीस्पेक्ट्रल फोटोग्राफी कर रिमोट सेंसिंग का प्रथम सफल प्रयोग किया गया।
  • उपग्रह आधारित सुदूर संवेदन का प्रारंभ भास्कर-1 (1979) तथा पूर्ण व्यावसायिक उपग्रह IRS-1A (17 मार्च 1988) के प्रक्षेपण से हुआ।

In English (Question & Model Answer)

When Remote sensing work started in India ?

Genesis of Remote Sensing in India:

  • Initiated in 1970 by ISRO through pioneering aerial multispectral color-infrared photography to diagnose Coconut Root-Wilt disease in Kerala.
  • Spaceborne operational Earth observation began with Bhaskara-1 (1979) and the landmark dedicated remote sensing satellite IRS-1A (March 17, 1988).
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