मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-4 लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य›भ्रष्टाचार - भ्रष्टाचार के प्रकार एवं कारण, भ्रष्टाचार का प्रभाव, भ्रष्टाचार को अल्पतम करने के उपाय, समाज, सूचनातंत्र, परिवार एवं व्हिसिलब्लोअर की भूमिका, भ्रष्टाचार पर राष्ट्रसंघ की घोषणा, भ्रष्टाचार का मापन, ट्रांसपरेंसी इन्टरनेशनल, लोकपाल एवं लोकायुक्त›भ्रष्टाचार की सर्वाधिक वृद्धि किस दशक की मानी जाती है?

भ्रष्टाचार की सर्वाधिक वृद्धि किस दशक की मानी जाती है?

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आदर्श उत्तर

उत्तर: स्वतंत्र भारत में भ्रष्टाचार की सर्वाधिक तीव्र वृद्धि 1970 और 1980 के दशक (लाइसेंस-परमिट-कोटा राज के चरम काल) में मानी जाती है, जिसके कारण संथानम समिति (1964) के बाद कई सुधार आयोग बने।

In English (Question & Model Answer)

In which decade corruption is supposed to have increased to the maximum?

Answer: In post-independence Indian administration, the most steep escalation in systemic corruption is historically attributed to the 1970s and 1980s, coinciding with the peak zenith of the rigid License-Permit-Quota Raj.

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