मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-4 लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य›भ्रष्टाचार - भ्रष्टाचार के प्रकार एवं कारण, भ्रष्टाचार का प्रभाव, भ्रष्टाचार को अल्पतम करने के उपाय, समाज, सूचनातंत्र, परिवार एवं व्हिसिलब्लोअर की भूमिका, भ्रष्टाचार पर राष्ट्रसंघ की घोषणा, भ्रष्टाचार का मापन, ट्रांसपरेंसी इन्टरनेशनल, लोकपाल एवं लोकायुक्त›भ्रष्टाचार पर संयुक्त राष्ट्र समझौता का परिचय दीजिए।

भ्रष्टाचार पर संयुक्त राष्ट्र समझौता का परिचय दीजिए।

20215M
आदर्श उत्तर

भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCAC, 2003):

  1. वैश्विक महत्व: यह भ्रष्टाचार के विरुद्ध एकमात्र वैश्विक और कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधि है (2003 में अंगीकार, 2005 से प्रभावी; भारत ने 2011 में अनुसमर्थन किया)।
  2. 5 मुख्य स्तंभ:
    1. निवारक उपाय (सार्वजनिक पारदर्शिता व स्वतंत्र निगरानी)।
    2. अपराधीकरण व कानून प्रवर्तन (रिश्वतखोरी व गबन पर दंड)।
    3. अंतरराष्ट्रीय सहयोग (प्रत्यर्पण व संयुक्त जांच)।
    4. परिसंपत्ति की पुनर्प्राप्ति (Asset Recovery - विदेशी बैंकों में जमा काले धन की वापसी)।
    5. तकनीकी सहायता एवं सूचना साझाकरण।

In English (Question & Model Answer)

Introduce United Nations convention on Corruption.

Overview of the United Nations Convention Against Corruption (UNCAC, 2003):

  1. Global Significance: Adopted in 2003 (enforced 2005; ratified by India in 2011), UNCAC is the sole legally binding universal anti-corruption international treaty.
  2. Five Core Pillars:
    1. Preventive Measures (Open governance, procurement transparency).
    2. Criminalization and Law Enforcement (Cross-border bribery sanctions).
    3. International Cooperation (Extradition, mutual legal assistance).
    4. Asset Recovery (Repatriation of illicit capital/black money).
    5. Technical Assistance and Information Exchange.
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