मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-1 भारतीय षड्दर्शन, दार्शनिक/विचारक, समाज सुधारक›महावीर, बुद्ध, आचार्य शंकर, चार्वाक, भर्तृहरि›बौद्ध धर्म कर्म के रूप में क्या परिभाषित करता है?

बौद्ध धर्म कर्म के रूप में क्या परिभाषित करता है?

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आदर्श उत्तर

बौद्ध धर्म में कर्म की परिभाषा: बौद्ध धर्म में कर्म का अर्थ केवल शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि 'चेतना' या 'इरादा' (Cetana / Intention) है—"चेतनाहं भिक्खवे कम्मं वदामि"। मन के भीतर उत्पन्न होने वाला शुभ या अशुभ संकल्प ही व्यक्ति के कर्मफल और पुनर्जन्म का निर्धारक होता है।

In English (Question & Model Answer)

What does Buddhism define as Karma?

Definition of Karma in Buddhism: Buddhism defines Karma fundamentally as volition, conscious intention, or mental choice (Cetana)—"Cetanaham Bhikkhave Kammam Vadami". It is the underlying moral intent behind thoughts, words, and deeds that generates ethical consequences.

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